गिनीज बुक में दर्ज होंगे कुमाऊं के बाघ

0

हल्द्वानी। टाइगर रिजर्व एरिया के बाहर जंगलों में बाघों की तादाद में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खबरों के मुताबिक, कैमरा ट्रैप में कैद हुए बाघों की गिनती की जा रही है। बाघों की बढ़ी संख्या अगर सही साबित हुई तो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में कुमाऊं के बाघों को दर्ज कराया जा सकता है।

बाघों की तादाद

बाघों की तादाद में बढ़ोतरी के आसार

पश्चिमी वृत्त में तराई पूर्वी, तराई केंद्रीय, हल्द्वानी, रामनगर, तराई पश्चिमी यानी कुल पांच वन डिवीजन हैं। वन्यजीव सुरक्षा प्रबंधन ने 2014 में रामनगर, हल्द्वानी, ऊधमसिंह नगर और चम्पावत तक फैली पश्चिमी वृत की सीमा के साथ ही नेपाल व उप्र सीमा से सटे सर्किल में बाघों की गणना कराई। गणना में 69 बाघ दर्ज किए गए थे। इसके दो साल बाद 2016 में बाघों की गणना के लिए कैमरा ट्रैप लगाए गए। आंकड़े वन विभाग को उत्साहित व हैरान करने वाले हैं। इस पूरे सर्किल में 50 बाघ बढ़े हैं और अब संख्या 119 हो गई है।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी टाइगर रिजर्व के बाहर जंगलों में बाघ संरक्षण को बढ़ावा मिलने से उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। अब वन महकमा इस साल फिर से बाघों की संख्या जानने के लिए कैमरा ट्रैप लगा रहा है। यदि इस साल भी गणना में संख्या 119 निकलती है तो यह देश ही नहीं दुनिया में भी रिकार्ड होगा।

टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के मानकों का पालन

पश्चिमी वन वृत्त के संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते का कहना है कि हमने टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के मानकों का पालन किया है। 2014 में पश्चिमी वृत्त की सीमा में 69 बाघ थे और दो साल बाद बढ़कर 119 हो गए हैं। इसकी फिर से गणना करा रहे हैं। यदि संख्या यही निकली तो यह वर्ल्ड रिकार्ड हो सकता है।

Edited by- Jitendra Nishad

loading...
शेयर करें