भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए पांच घर, मौसम विभाग ने भी जारी किया अलर्ट

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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून इस वक़्त आफत का सबब बना हुआ है। हर तरफ भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने जैसा बताया था कि अगले 36 घंटों के भीतर कुमाऊं क्षेत्र में बारिश का सैलाब आने वाला है ठीक वैसा ही देखने को मिल रहा है। इसके मुताबिक कई राज्यों हल्की से तेज बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।

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बारिश बनी लोगों की आफत

उत्तराखंड में लगातार बारिश की वजह से पहाड़ी इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रुक-रुककर बारिश होने की वजह से पिथौरागढ़ जिले में पांच घर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि दर्जनों मकान खतरे की जद में हैं। इसे देखते हुए सरकार ने जिले में दो दिन के लिए स्कूल बंद करा दिए गए हैं।

दरअसल इधर काफी समय से हर क्षेत्र में बारिश लोगों को तो भिगो ही रही है और लोग एंजॉय भी कर रहे हैं। लेकिन कई जगहों पर लोगों के लिए बारिश मुश्किलें भी पैदा कर रही है। पिथौरागढ़ व चंपावत जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन से पांच घर क्षतिग्रस्त हो गए।

पिथौरागढ़ जिले में पांच घर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि दर्जनों मकान खतरे की जद में हैं। भारी बारिश को देखते हुए चंपावत जिले में दो दिन के लिए स्कूल बंद करा दिए गए हैं। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में राज्य में आमतौर पर बादल छाये रहेंगे। अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

पिथौरागढ़, चंपावत के साथ ही नैनीताल जिले में दो दर्जन से ज्यादा मार्ग बंद हैं। इधर, चारधाम यात्रा मार्गों के बंद होने व खुलने का क्रम जारी है। उर्गम घाटी को जोड़ने वाला मार्ग बाधित होने से वहां के दर्जनों गांवों के लोगों को किसी तरह पैदल आना-जाना पड़ रहा है। राज्यभर में 45 संपर्क मार्ग बंद चल रहे हैं।

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इतना ही नहीं चारधाम की यात्रा पर भी काफी असर पड़ रहा है। कई जगह मलबा आ जाने से रस्ते बंद कर दिए गए, जिससे लोगों को बीच रास्ते में ही रुकना पड़ा। इधर, बद्रीनाथ हाईवे लामबगड़ में भी मलबा आने से रास्ता बंद हो गया था। हालांकि अब इसे खोल दिया गया है।

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