हो गया तय, महाराष्ट्र में ये तीन पार्टियां मिलकर बनाएंगी सरकार !

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महाराष्ट्र। महाराष्ट्र में बीते दिनों बीएमसी चुनाव हुए। इस चुनाव में शिवसेना को बीजेपी ने कड़ी टक्कर दी। तो वहीं, कांग्रेस ने इस बार बहुत बुरा प्रदर्शन किया। लेकिन खास बात ये रही कि पूर्ण बहुमत किसी सरकार को नहीं मिल पाई। अब मामला गठबंधन को लेकर फंसा हुआ है। राज्य में नए राजनीतिक समीकरण बनने के संकेत मिलने लगे हैं। शिवसेना राज्य और बीएमसी में सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस और एनसीपी से हाथ मिला सकती है।

बीएमसी चुनाव

बीएमसी चुनाव के बाद किसका होगा राज ?

शुक्रवार को कांग्रेस ने शिवसेना के सामने शर्त रखी है कि पहले वह बीजेपी सरकार से बाहर निकले, उसके बाद ही कांग्रेस उसका समर्थन करेगी। अगर ऐसा हुआ, तो न सिर्फ बीएमसी पर उसका राज बरकरार रहेगा, बल्कि राज्य की फडणवीस सरकार को भी जाना पड़ सकता है। स्थानीय निकाय चुनाव की घोषणा के बाद से ही शिवसेना और बीजेपी के बीच गला-काट स्पर्धा चल रही है। चुनाव प्रचार के दौरान इनमें खूब नोकझोंक हुई। चुनाव में बीजेपी को मिली सफलता से आहत शिवसेना उसे सबक सिखाना चाहती है। इससे नए राजनीतिक समीकरण बनने के संकेत मिलने लगे हैं।

शिवसेना के प्रयासों को दो बागियों उम्मीदवारों की पार्टी में लौट आने से बढ़ावा मिला। इन दोनों उम्मीदवारों ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। इसके अलावा एक और निर्दलीय पार्षद ने शिवसेना के प्रति समर्थन जताया। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इसे मंजूरी देते हुए शिवसेना की संख्या 84 से 87 होने की बात कही है। भाजपा ने 82 सीटों पर जीत के साथ चार अज्ञात स्वतंत्र पार्षदों के समर्थन का दावा किया और महापौर पद के लिए कथित तौर 86 की संख्या बताई।

हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) द्वारा गुरुवार को जारी आधिकारिक आकड़ों के मुताबिक, मौजूदा 227 सदस्यीय बीएमसी सदन में सिर्फ 5 निर्दलीय चुने गए हैं। तीन पहले ही शिवसेना में शामिल हो चुके हैं। इस तरह सिर्फ दो निर्दलीय बचे हैं, इससे भाजपा के मुंबई अध्यक्ष आशीष शेलार के सार्वजनिक दावे पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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