बीते 10 सालों में पहली बार हुआ ऐसा, विपक्ष की वजह से डूब गए 190 करोड़!

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संसदनई दिल्ली। कांग्रेस के साथ-साथ पूरे विपक्ष के रवैये की वजह से देश का करीब 190 करोड़ रुपया बर्बाद हो गया। दरअसल बजट सत्र के दौरान कांग्रेस के साथ पूरे विपक्ष ने संसद में इतना हंगामा की कि संसद की कुल 23 बैठकें रद हो गईं। आपको बता दें कि बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी से 9 फरवरी तक चला। इसमें कुल आठ बैठकें हुईं। इस तरह से 68 दिनों में सिर्फ 31 बैठकें ही हो पाईं।

संसद में हुआ सिर्फ हंगामा

बता दें कि इस दौरान लोकसभा में करीब 28 विधेयक पेश किए जाने थे। वहीं राज्यसभा के एजेंडे में 39 विधेयक शामिल थे। हंगामें के कारण लोकसभा में सिर्फ पांच विधेयक ही पारित किए जा सके, जिनमें वित्त विधेयक भी शामिल है। वहीं राज्यसभा से सिर्फ एक ग्रेच्युटी भुगतान संशोधन विधेयक 2017 ही पारित हो सका।

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सदन में जब से अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया, तब से एक भी दिन सदन ऑर्डर में नहीं रहा। इसके चलते पूरे सत्र के दौरान विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को सदन में नहीं रखा जा सका। राज्यसभा की कार्यवाही भी 10 से ज्यादा दिन तो सिर्फ 2 मिनट तक ही चल सकी है। बुधवार को राज्यसभा की सदन की कार्यवाही को हंगामे की वजह से 10 बार स्थगित करना पड़ा था।

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सांसदों ने विदाई भाषण के दिन जरूर सदन की कार्यवाही साढ़े तीन घंटे तक चली थी। वहीं दूसरी ओर पूरे बजट सत्र के दौरान लोकसभा की कुल 28 बैठकों में करीब 23 फीसदी कामकाज हुआ जबकि राज्यसभा में इस दौरान 28 फीसदी कामकाज हो सका। कामकाज के मामले में बीते साल दोनों सदनों ने रिकॉर्ड बनाया था जब बजट सत्र के दौरान लोकसभा में 108 फीसदी और राज्यसभा में 86 फीसदी कामकाज हुआ था।

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इस सत्र को चलाने में अब तक 190 करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च हुए हैं। इसमें सांसदों के वेतन-भत्तों, अन्य सुविधाओं और कार्यवाही से संबंधित इंतजाम पर खर्च शामिल है। लेकिन इतनी भारी-भरकम राशि खर्च होने के बावजूद संसद को सुचारू रूप से नहीं चलाया जा सका।

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