किसानों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे भगवान

0

झांसी। बुंदेलखंड क्षेत्र के किसानों से रूठे मौसम ने एक बार फिर उन्हें ओले के रूप में अपने प्रकोप का शिकार बनाया। झांसी जनपद में ओलों के साथ हुई बारिश के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है, उन्हें फसल बचाने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा है। पहले ओलावृष्टि और फिर सूखे की मार से जूझता किसान इन संकटों से उबरने का अभी रास्ता ही खोज रहा है कि कुदरत की बेरुखी ने एक बार फिर किसानों को चिंता बढ़ा दी है। शनिवार की देर शाम कई इलाकों में बिन मौसम के ओलों के साथ बारिश हो गई।

 बुंदेलखंड

बुंदेलखंड में किसी को लाभ, किसी को हानि

रविवार को जब किसान खेतों में पहुंचे तो नजारा देखकर उनके चेहरे पूरी तरह से मुरझाए नजर आए। इस बारिश से भले गेहूं की फसल को लाभ मिल रहा है, लेकिन खेतों में खड़े मटर, चना और मसूर के लिए ये काफी हानिकारक है। ओलों के साथ हुई बारिश को देख किसान कभी अपनी फसल को याद कर रहा है तो कभी भगवान को। हर बार अपनी बदकिस्मती को भूलकर अन्नदाता एक बार फिर खेतों में उतरता है तो उसे लगता है कि शायद इस बार किस्मत उसके साथ दगा नहीं करेगी, लेकिन प्रकृति भी लगातार बुंदेलखंड के किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है और उसे कुछ रास्ता नहीं सूझ रहा है।

पानी नहीं, बालू उगल रहे हैंडपम्प

बुंदेलखंड में जलस्तर नीचे खिसक जाने से गर्मी की दस्तक के साथ ही पेयजल संकट भी बढ़ने लगा है। जनपद हमीरपुर के कस्बा सुमेरपुर की नई बस्तियों में हैंडपम्प पानी की जगह बालू उगल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों की बात करें तो इंगोहटा गांव में सैकड़ों हैंडपम्प खराब हैं। एक-दो हैंडपम्प ठीक हैं, जिन पर सुबह से शाम तक भारी भीड़ जमा रहती है। सुमेरपुर कस्बे के नई बस्ती पीडब्लूडी स्टोर के पास कई हैंडपम्प पानी नहीं दे रहे हैं। मात्र एक-दो सरकारी हैंडपम्पों से पानी आ रहा है, जिन पर दिन से लेकर रात तक भीड़ लगी रहती है।

पेयजल संकट से परेशान लोग

वहां की देवीदीन सविता ने बताया कि जलस्तर घट जाने से हैंडपम्प बालू फेंक रहा है। अन्य लोगों ने कहा कि गर्मी शुरू भी नहीं हुई है, अभी से हैंडपम्पों का यह हाल तो आगे क्या होगा, यह सोचकर वे चिंचित हैं। लोगों ने पाइप लाइन से पूरी नई बस्ती में पानी की आपूर्ति कराने की मांग की है। इसी तरह कस्बे की प्रत्येक नई बस्तियों में पेयजल संकट का रोना रोया जा रहा है। लोगों ने कहा कि यदि समय रहते पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई तो भीषण गर्मी में हालात बहुत खराब हो जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग पेयजल संकट से परेशान हैं। इंगोहटा बड़ी आबादी का गांव है। 250 हैंडपम्प के साथ वहां पानी की टंकी भी बनी है, लेकिन गांव के लोग पेयजल संकट से बेहद परेशान हैं।

loading...
शेयर करें