बुद्ध के अनुसार धरा पर मनुष्यों के होते हैें चार प्रकार, जानिए कौन से हैं आप!

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बुद्ध को ‘गौतम बुद्ध’, ‘महात्मा बुद्ध आदि नामों से भी जाना जाता है। वे संसार प्रसिद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक माने जाते हैं। बौद्ध धर्म भारत की श्रमण परम्परा से निकला धर्म और दर्शन है। बता दे कि, यह धर्म सारे संसार के चार बड़े धर्मों में से एक है। इसके अनुयायियों की संख्या दिन-प्रतिदिन आज भी बढ़ रही है। दरअसल बुद्ध के अनुसार मानव जीवन दुखो से परिपूर्ण है। उन्होंने अपने प्रवचन में चार प्रकार के मनुष्यों की बात कही है। आइए जानते हैं इनके बारे में…….

एक बार महात्मा बुद्ध प्रवचन दे रहे थे, जैसे ही उनका प्रवचन समाप्त हुआ जिज्ञासु राजा ने उनसे कहा “हे महात्मा, आपने अपने प्रवचन में चार प्रकार के मनुष्यों की बात कही है… लेकिन ये नहीं बताया कि वो चार प्रकार कौन से है, कृपया समझाइए”?

भगवान बुद्ध अपने अनुयायी के इस प्रश्न का उत्तर देने लगे, उन्होंने कहा “मनुष्य चार प्रकार के होते हैं, जिनमें पहला होता है तिमिर (अंधकार) से तिमिर की ओर जाने वाला। दूसरा अंधकार से रोशनी की ओर जाने वाला, तीसरा ज्योति यानि प्रकाश से तिमिर की ओर जाने वाला और चौथा ज्योति से ज्योति की ओर जाने वाला”।

आगे बुद्ध बोले “राजन, जब कोई मनुष्य अपना पूरा जीवन बुरे कर्मों को करते-करते ही बिता देता तो वो तिमिर से तिमिर की ओर जाता है, वहीं दूसरी ओर जब कोई मनुष्य जन्म से भले ही अच्छे या ऊंचे कुल का ना हो, लेकिन उसके कर्म, वचन अच्छे हो, वह सदाचारी हो तो वो तिमिर से ज्योति की ओर जाने वाला होता है”।

तीसरा व्यक्ति वो है जो अच्छे कुल में जन्मा हो, बलवान हो, उसकी काया बहुत आकर्षक हो, लेकिन मन-वचन-कर्म से वह दुराचारी हो तो ऐस मनुष्य ज्योति से तिमिर की ओर जाने वाले लोगों की श्रेणी में शामिल होता है। मनुष्य की चौथी श्रेणी है ज्योति से ज्योति की ओर जाने वाला, वो लोग जो अच्छे कुल में जन्में हो और अपने आचरण से भी बहुत शुद्ध और पवित्र हों, ऐसे मनुष्य ज्योति से ज्योति की ओर जाने वाले होते हैं”।

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