दिग्गज नेता बृजलाल खाबरी ने भी छोड़ा बसपा का साथ, मायावती पर लगाए गंभीर आरोप

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लखनऊ। कुछ दिनों में ही उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं लेकिन बहुजन समाज पार्टी से नेताओं का अलग होना अभी भी जारी है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय महासचिव बृजलाल खाबरी ने सोमवार को बसपा का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन पकड़ लिया। उन्होंने बसपा सुप्रीमों मायावती पर पैसे लेकर टिकट देने का आरोप लगाया है।

बृजलाल खाबरी

बृजलाल खाबरी ने भी सुप्रीमों मायावती पर पैसे लेकर टिकट देने का लगाया आरोप

इससे पहले बसपा छोड़ने वाले कुछ अन्य नेताओं ने भी इसी तरह का आरोप लगाया था। उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री ध्रुवराम के साथ कांग्रेस में शामिल होने वाले बृजलाल खाबरी ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में कहा कि चुनावों में बसपा का टिकट लेने के लिए विभिन्न स्तरों पर सभी को पैसा देना होता है।

बृजलाल खाबरी ने कहा कि बसपा का टिकट पाने के लिए पैसे देने के इस नियम से किसी को छूट नहीं है चाहे पार्टी का कोई निष्ठावान नेता हो या मायावती के समुदाय का कोई नेता हो। खाबरी ने इशारा किया कि 13वें लोकसभा चुनाव के लिए टिकट हासिल करने में उन्हें भी पैसा अदा करना पड़ा था।

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तीन बार विधायक रहे ध्रुव राम ने कहा कि उनसे भी पैसा मांगा गया जबकि उन्होंने प्रदेश के कुख्यात गेस्टहाउस कांड में कथित रूप से सपा कार्यकर्ताओं के हमले में मायावती को बचाने में अहम भूमिका निभायी थी। खाबरी और ध्रुवराम दोनों ने मायावती पर बीआर अंबेडकर और कांशीराम के सिद्धांतों से हटने का भी आरोप लगाया।

गौरतलब है कि बसपा के दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने गत 22 जून को मायावती पर टिकट बेचने का आरोप लगाते हुए बीएसपी से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद मायावती ने मौर्य के आरोपों का जवाब देते उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। बसपा से अलग होने के बाद मौर्या ने भाजपा का साथ पकड़ लिया।

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स्वामी प्रसाद के अलग होने के बाद से लगातार बसपा में विखंडन की स्थिति बनी हुई है। तमाम बड़े नेताओं ने बसपा का साथ छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया है। वहीं हाल ही में बसपा के विधायकों महावीर राणा, रोमी साहनी, रोशन लाल वर्मा व ओम कुमार ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। हालांकि, इन चारों विधायकों पर राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रास वोटिंग करने का आरोप लगा था। बाद में बसपा की मुखिया मायावती ने इनको पार्टी से निलंबित कर दिया था। चारों विधायकों को पार्टी में शामिल करते हुए मौर्य ने कहा था कि भाजपा की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है, इसीलिए पार्टी की नीतियों से सहमत होकर लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

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