केरल को पीटा लेकिन बेटियों का क्या करेगा पहाड़

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बेटियों की शिक्षादेहरादून। पहाड़ ने कुछ मामलों ने पढ़ाई के क्षेत्र में केरल को पीटा है। लेकिन बेटियों की शिक्षा पर आए नए सर्वे के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। इस सर्वे ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है। उत्तराखंड ने यूं तो शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं, लेकिन लड़कियों की शिक्षा से जुड़ी ये कड़वी अच्छी नहीं है।

बेटियों की शिक्षा में पीछे है उत्तराखंड

राज्य में हर साल करीब 46 प्रतिशत लड़कियां घर के कामों की वजह से अपना स्कूल छोड़ देती हैं। प्रदेश में 6.7 प्रतिशत लड़कियां ऐसी हैं जो कि पैसा न होने के कारण से स्कूल छोड़ देती हैं।

हाल ही में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की एजुकेशन से जुड़ी ‘नेशनल सैंपल सर्वे रिपोर्ट’ सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश ने 12वीं से लेकर पीजी करने वालों की संख्या के हिसाब से देखें तो केरल को भी पीछे छोड़ा है, लेकिन बेटियों की शिक्षा के मामले में सच्चाई भी सामने आई है।

घर के कामों की वजह से छोड़ती हैं पढ़ाई

रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 46 प्रतिशत लड़कियां ऐसी पाई गईं, जिन्होंने सिर्फ घर के कामों की वजह से पढ़ाई छोड़ दी। 14 प्रतिशत बेटियां ऐसी हैं, जिन्होंने शिक्षा में रूचि न होने की वजह से स्कूल छोड़ दिया।

पैसे न होने की वजह से छोड़ी पढ़ाई 

6.7 प्रतिशत बेटियों ने पैसों वजह से पढ़ाई छोड़ी, 4.4 बेटियों ने कमाई के साधन जुटाने की वजह से, 3.8 प्रतिशत ने घर से ज्यादा दूर स्कूल होने की वजह से, 6.4 प्रतिशत ने पढ़ाई में फेल होने की वजह से स्कूल छोड़ दिया। यह सभी आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं, जिसमें बेहतर प्रयास करने की जरूरत है, ताकि लड़कियां पढ़कर आगे बढ़ सकें।

कई राज्यों में बेटियों की शिक्षा के आकड़े

देश के कई राज्यों में बेटियों की शिक्षा को लेकर बेहद चौकाने वाले आकड़े सामने आए हैं जैसे-

बिहार में 52.6, हरियाणा में 43.8, झारखंड में 45.6, मध्य प्रदेश में 42.5, राजस्थान 49.2 और उत्तराखंड 46 प्रतिशत लाकियों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है।

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