मां ने अपनी ही नवजात बच्ची को फेंका

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बेटी बचाव देहरादून। देश में बेटी बचाव को लेकर कई कार्यक्रम होते रहते हैं, लेकिन इसका असर अभी तक नहीं दिख रहा है। आए दिन सुनने में आता है कि कोई अपनी पत्नी को मरता है, तो कोई बेटी को ही जन्म नहीं लेने देता। उत्तराखंड में भी ऐसा ही एक मामला सामने आए है।

बेटी बचाव अभियान से कोई फर्क नहीं

बेटी बचाव अभियान पर पानी फिर गया। जब रुड़की में तीन दिन की एक बच्ची झाड़ियों में पड़ी मिली। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात बच्ची को चाइल्ड केयर सेंटर भिजवा दिया है। पुलिस ने इस सिलसिले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

लोगों ने गंगनहर कोतवाली अंतर्गत नीले पुल के समीप झाड़ियों में बच्चे के रोने की आवाज सुनकर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद चेतक पुलिस उसे कोतवाली ले आई। यहां से बच्ची को चाइल्ड केयर हरिद्वार भेज दिया गया।

इस मामले में अज्ञात के खिलाफ धारा 317 के तहत चेतक पुलिस के कांस्टेबल अनूप सिंह की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। बच्ची को किसने झाड़ियों में छोड़ा इसकी पड़ताल की जा रही है। बच्ची के मिलने की खबर जैसे ही लोगों को मिली, तो लोगों का तांता कोतवाली गंगनहर में लग गया।

कोतवाली प्रभारी ने लोगों को बताया कि बच्ची को गोद लेने के लिए अनेक लोग सामने आए, लेकिन इसकी एक कानूनी प्रक्रिया होने की वजह से किसी को भी बच्ची नहीं दी जा सकी। इस तरह के कई मामले आए दिन देश हो होते रहते हैं।

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