आयोग करे बेहमई कांड की जांच

0

कानपुर देहात। 14 फ़रवरी 1981 को हुए बेहमई कांड के गवाहों के वृद्ध होने के चलते शासकीय अधिवक्ता ने एक आयोग गठित किये जाने की मांग की है। अधिवक्ता ने अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि गवाहों की अधिक उम्र व बीमारी के चलते वह अदालत में उपस्थित रहने में असमर्थ हैं। अधिवक्ता ने बताया कि आयोग किसी व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है जो बेहमई गांव जाकर गवाहों के बयान लेगा।

बेहमई कांड

बेहमई कांड में 20 लोगों की हुई थी मौत

 

मालुम हो कि डकैत फूलनदेवी ने बेहमई में सामूहिक हत्याकांड किया था। उसने 30 लोगों को लाइन से खड़ाकर गोलियों से भून दिया था। जिसमें 20 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि सात लोग घायल हो गए थे। कांड के 35 वर्ष बीतने के बाद गांव वालों को फैसले का इन्तजार आज भी है। गांव वालों का दर्द है कि फूलन देवी की हत्या करने वाले शेर सिंह राणा को 13 साल में ही उम्र कैद हो गई, लेकिन उन्हें न्याय कब मिलेगा।

मानसिंह हो चुका है भगोड़ा घोषित

 

बेहमई कांड की मुख्य अभियुक्त फूलन देवी की हत्या हो चुकी है। वहीँ डकैत मानसिंह भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। उसके घर की कुर्की होने के बावजूद व कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। इस कांड के गवाह राजाराम व जंटर सिंह डकैत मानसिंह के खिलाफ गवाही दे चुके हैं। जबकि पांच गवाह वकील सिंह, तख़्त सिंह, मरजाद सिंह, विश्वनाथ, करन सिंह अधिक उम्र के चलते गवाही के लिए अदालत नहीं आ पा रहे हैं। इसी के चलते आयोग गठन की मांग शासकीय अधिवक्ता द्वारा की गई है।

loading...
शेयर करें