बैंकों को चूना लगाकर विदेश भागने वाले अपराधियों की अब खैर नहीं, सरकार लाई अध्यादेश

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नई दिल्ली। बैंकों को चपत लगाकर विदेश भागने वाले आर्थिक अपराध करनेवालों की संपत्तियां अब जब्त की जाएंगी। केद्रीय मंत्रिमंडल ने इस बाबत एक अध्यादेश पर शनिवार को अपनी मुहर लगा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश-2018 लाने का फैसला किया गया।

यह अध्यादेश पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के हालिया मामले के उजागर होने के बाद लिया गया है। पीएनबी-धोखाधड़ी के इस मामले में आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी बैंक को 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगाकर देश से पलायन कर चुके हैं।

इसके अलावा विजय माल्या समेत कुछ और लोग बैंकों को चूना लगाने के आरोपी देश छोड़ कर भाग गए हैं। निष्क्रिय हो चुकी विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइन्स के मालिक माल्या बैंकों से भारी कर्ज लेकर कुछ साल पहले देश से पलायन कर लंदन चले गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, अध्यादेश का मकसद आर्थिक अपराधियों पर भारतीय न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहकर भारतीय कानून की प्रक्रिया से बचने के मामले में लगाम कसना है।

अध्यादेश के तहत भारत या विदेशों में अपराध से अर्जित संपत्तियों की कुर्की शीघ्र करने के लिए एक विशेष मंच बनाया जाएगा। यह मंच भगोड़े अपराधियों की भारत वापसी के लिए दबाव बनाएगा, जिससे अपराध के मामलों में भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र में उनके खिलाफ मुकदमा चलाना आसान होगा।

अध्यादेश में किसी व्यक्ति को आर्थिक अपराध का भगोड़ा घोषित करने के लिए धनशोधन कानून 2002 के तहत विशेष अदालत का प्रावधान किया गया है।

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