बैंक ग्राहकों के लिए एक नई खबर, 1 जुलाई से बदल जायेगा ये… नियम

बैंक से बहुत अधिक नकदी निकालने वालों को अपनी निकासी को नियंत्रित करने की जरूरत है। एक जुलाई से आयकर विभाग का नया नियम लागू हो रहा है जिसमें एक वित्तीय वर्ष में 20 लाख रुपये या उससे अधिक नकदी बैंक खातों से निकालने पर दो फीसद टीडीएस कटेगा। यह नियम उन पर लागू होगा जिन्होंने पिछले तीन वर्ष में आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है।

एक सितंबर 2019 से आयकर विभाग ने नियम जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि कोई व्यक्ति अपने एक या एक से अधिक बैंक खातों से एक वित्तीय वर्ष में एक करोड़ रुपये या उससे अधिक नकदी निकालेगा तो बैंक दो फीसद टीडीएस काट सकेगा। टैक्स सलाहकारों का कहना था कि डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करने के लिए इस प्रविधान को लागू किया गया है। अब नकदी लेनदेन को हतोत्साहित करने व आयकर रिटर्न के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक जुलाई से नया नियम लागू होने जा रहा है। एक जुलाई के बाद एक वित्तीय वर्ष में अगर किसी व्यक्ति ने 20 लाख से एक करोड़ रुपये तक नकदी बैंक से निकाली तो उसकी जांच होगी। देखा जाएगा कि उसने पिछले तीन वर्ष का आयकर रिटर्न दाखिल किया है या नहीं। अगर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो दो फीसद टीडीएस की कटौती होगी। इतनी राशि उसके खातों में कैसे आई, विभाग यह भी जांच कर सकता है।

एक करोड़ के ऊपर पांच फीसद टीडीएस

एक करोड़ के ऊपर नकदी निकालने पर टीडीएस की दर पांच फीसद हो जाएगी। यह नियम पहले से है कि अगर किसी व्यक्ति का टीडीएस काटा जाता है और उसके पास पैन नहीं है तो टीडीएस की दर 20 फीसद होगी। चार्टर्ड अकाउंटेंट शिवम ओमर बताते हैं कि एक जुलाई से नया नियम लागू हो रहा है। 20 लाख रुपये से ऊपर नकदी की निकासी होते ही बैंक आयकर रिटर्न मांग सकेंगे क्योंकि बैंक को ही टीडीएस की कटौती करनी है, इसलिए वे ज्यादा नकदी निकालने वाले ग्राहकों पर नजर रखेंगे।

इन पर लागू होगा नियम व्यक्तिगत

हिंदू अविभाजित परिवार

साझेदारी संस्था

सीमित दायित्व साझेदारी फर्म

एसोसिएशन ऑफ पर्सन

बॉडी ऑफ इंडीविजुअल

कंपनी

स्थानीय निकाय

इन्हें मिली है छूटसरकारी संस्थान

बैंक

पोस्ट ऑफिस

बैंक का काम करने वाली सहकारी सोसाइटी

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