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बेटे के गम में 51 साल की मां बन गई बॉडी बिल्‍डर

चाह है तो राह है। 51 साल की अलाना क्‍लार्क बचपन से ही सेलेब्रल पल्‍सी जैसी खतरनाक बीमारी से पीडि़त थीं। इस बीमारी में इनसान न चल पाता है न उठ-बैठ सकता है। लेकिन अलाना ने 51 साल की उम्र में न सिर्फ इस बीमारी पर काबू किया, बल्कि वर्ल्‍ड बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशिप भी जीती।

बॉडी बिल्डिंग
अलाना क्‍लार्क

बॉडी बिल्डिंग में जलवा

ब्रिस्‍टल की अलाना को 36 साल की उम्र में जबरदस्‍त स्‍ट्रोक पड़ा। इसकी वजह से उनकी आवाज चली गई। अलाना चल-फिर भी नहीं पाती थीं। उन्‍हें ह्वील चेयर का सहारा लेना पड़ा। लेकिन एक दिन उन्‍हें ऐसा झटका लगा, जिससे वह अंदर तक हिल गईं। अलाना का 19 साल का मासूम बेटा टॉम एक रोड एक्‍सीडेंट में मारा गया।

अलाना उस रात को याद करते हुए कहती हैं, ‘कोहरे से भरी उस रात में एक पुलिसवाले ने हमारे घर का दरवाजा खटखटाया। मैंने दरवाजा खोला। पुलिस वाले ने मुझे बताया कि आपका बेटा एक कार एक्‍सीडेंट में मारा गया। यह सुनकर मुझे उसकी बात पर यकीन ही नहीं हुआ। मुझे बहुत गुस्‍सा आया। इतना गुस्‍सा कि मैंने उस पुलिसवाले को थप्‍पड़ जड़ दिया और दरवाजा बंद कर दिया।’

बॉडी बिल्डिंग

लेकिन उस पुलिसवाले ने सच कहा था। अलाना आज भी उस रात को याद कर रोने लगती हैं। अलाना कहती हैं, ‘मेरे बेटे टॉम को बॉडी बिल्डिंग पसंद थी। अपने 19 की उम्र में ही अपने सिक्‍स पैक एब्‍स बना चुका था। हमें वह अपने एब्‍स दिखाता है।’ टॉम की मौत के बाद अलाना को लगने लगा, जैसे उनका एक अंग गायब हो चुका है।

अलाना कहती हैं, ‘मैं भले ही चल-फिर नहीं सकती थी, लेकिन टॉम मेरी ताकत था। वह हमेशा मुझे कहता था कि मां उठो, अाप चल सकती हो। टॉम की वजह से मैं हिम्‍मत भी करती थी। लेकिन उसके जाने से मुझे गहरा झटका लगा।’ अलाना के मुताबिक अपनी बीमारी की वजह से एक्‍सीडेंट की रात वह अपने बेटे टॉम को देख भी नहीं सकी थीं।

बॉडी बिल्डिंग

आखिरकार अलाना ने बेटे की बॉडी बिल्डिंग की ख्‍वाहिश को पूरा करने का बीड़ा अपने कंधों पर उठाया। अलाना कहती हैं, ‘मैंने ट्रेनिंग शुरू की। ट्रेनर ने मेरी 24 घंटे की डाइट तय की। मुझे पालक, अण्‍डे, मछली और चिकन की भरपूर मात्रा खानी पड़ती थी। लेकिन जीतोड़ मेहनत की अौर नतीजा यह कि सेलेब्रल पल्‍सी जैसी खतरनाक बीमारी मेरे काबू में आ गई।’

इसके बाद अलाना में वर्ल्‍ड बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशिप में हिस्‍सा लिया। इस कठिन प्रतियोगिता में 51 साल की महिला के जीतने की किसी को उम्‍मीद नहीं थी। लेकिन 17 प्रतिभागियों को पछाड़कर अलाना ने यह खिताब अपने नाम किया। उस पल और जीत की ट्राफी को अलाना अपने बेटे को समर्पित कर चुकी हैं। अलाना ने अपने बेटे टॉम की याद में घर के बगीचे का एक कोना भी सजाया है। वह कहती हैं, ‘टॉम मेरे करीब ही तो है। वह कहता था ‘मां उठो, अाप चल सकती हो।’ मैंने ऐसा कर दिखाया।’

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