#Proud : आइंस्टीन से भी तेज़ निकला इस भारतीय बच्ची का दिमाग, IQ टेस्ट में रचा इतिहास

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नई दिल्ली। अक्सर हम अपने बच्चों को साइंटिस्ट अलबर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग का उदाहरण देकर उन्हें पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते हैं। लेकिन 12 साल की एक बच्ची तो उनसे भी आगे निकली। जी हां, ब्रिटेन में रहने वाली भारतीय मूल की 12 साल की राजगौरी पवार का दिमाग तो आइंस्टीन और हॉकिंग से भी तेज़ है।

ब्रिटिश मेनसा IQ टेस्‍ट

ब्रिटिश मेनसा IQ टेस्‍ट में भारतीय मूल की राजगौरी ने हासिल किए 162 प्वाइंट

दरअसल, राजगौरी ने ब्रिटिश मेनसा IQ टेस्‍ट में 162 स्‍कोर किया है, इसी टेस्ट में दोनों मशहूर साइंटिस्टों को 160 प्वाइंट मिले थे।राजगौरी की इस उपलब्धि के साथ ही उन्हें ब्रिटिश मेनसा मेंबरशिप मिल गई है। ये मेंबरशिप हाई IQ लेवल के लिए दी जाती है। इस पर राजगौरी का जवाब सुनकर आपका सीना गर्व से फूल जाएगा। इस उपलब्धी को हासिल करने वाली राजगौरी का कहना है कि मैं जो महसूस कर रही हूं उसे शब्‍दों में बयां नहीं कर सकती। यह मेरे लिए ये गर्व की बात कि मैं विदेशी धरती पर भारत का प्रतिनिधित्‍व कर रही हूं।

राजगौरी के पिता सूरज पवार ब्रिटेन में डॉक्टर हैं। बेटी के अचीवमेंट पर उन्होंने कहा, ”बेटी के टीचर्स की कोशिशों के बिना यह मुमकिन नहीं है। राजगौरी को स्कूल से भी पूरा सपोर्ट मिला। 2011 में राजगौरी ने हैंडराइटिंग के लिए भी अवॉर्ड जीता था।”

इन बच्चों ने भी किया भारत का नाम रौशन

वैसे राजगौरी से भी पहले भारत मूल के कई और ऐसे बच्चे हैं तो देश का नाम रौशन कर चुके हैं। पिछले साल अगस्त में 10 साल के भारतीय लड़के ध्रुव ने आइंस्टीन और हॉकिंग का रिकॉर्ड तोड़ा था। लदंन में रहने वाला ध्रुव IQ टेस्ट में 162 प्वाइंट्स हासिल कर दुनिया के चुनिंदा लोगों में शामिल हुआ था। इससे पहले 10 साल की अनुष्का विनय ने दिसंबर, 2015 में भी इसी टेस्ट में 162 प्वाइंट हासिल किए थे।

राजगौरी उन खास 20 हजार लोगों में से है जिनका आईक्यू का स्तर इस लेवल पर हैं। इन 20 हजार लोगों में से कुल 1500 बच्‍चे हैं।10.5 वर्ष की उम्र से ऊपर का कोई भी बच्चा इस परीक्षा को दे सकता है।

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