गुंडीचा मंदिर में विश्राम कराने को आज निकाली जाएगी भगवान जगन्‍नाथ की रथयात्रा

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नई दिल्ली। आषाढ़ महीने की शुक्‍ल एकादशी को भगवान जगन्‍नाथ की रथयात्रा निकाली जाती है। यह शुभ अवसर 25 जून यानि आज है। देश के विभिन्‍न राज्‍यों में रविवार को भगवान जगन्‍नाथ बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र की यात्रा निकाली जाएगी। पूरे देश में इस यात्रा की धूम मची है। उड़ीसा में इसके व्‍यापक प्रबंध किए गए हैं।

भगवान जगन्‍नाथ की रथयात्रा

भगवान जगन्‍नाथ की रथयात्रा को लेकर लोगों में उत्‍साह

खबर मिली है कि उड़ीसा के जगन्नाथ पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ-यात्रा बड़े धूमधाम से शुरु होगी। जगन्नाथ रथ उत्सव आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया से आरंभ करके शुक्ल एकादशी तक मनाया जाता है। इस दौरान रथ को अपने हाथों से खिंचना बेहद शुभ माना जाता है।

लकड़ी के रथ को खींचने की है परंपरा

रथ के रूप की बात करें तो जगन्नाथ उनके भाई बलराम और बहन सुभद्रा के तीन रथ बनाया जाता है। यह रथ लकड़ी के बने होते हैं। जगन्नाथजी के रथ को नंदीघोष, बलराम जी के रथ को ‘तलध्वज’ और सुभद्रा जी का रथ “देवदलन” है। तीनों रथों को जगन्नाथ मंदिर से खींच कर 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति गुंडीचा मंदिर तक लिया जाता है।

सात दिनों तक यहीं रहते हैं भगवान जगन्‍नाथ

गुंडीचा मंदिर में 7 दिनों तक जगन्नाथ भगवान यहीं निवास करते हैं। इसके बाद आषाढ़ शुक्ल दशमी के दिन वापसी जिसे बाहुड़ा यात्रा कहते हैं। इस दौरान पुन: गुंडिचा मंदिर से भगवान के रथ को खिंच कर जगन्नाथ मंदिर तक लाया जाता है।उधर मौसम विभाग ने रथ यात्रा के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई है।

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