उत्तर प्रदेश में हर तरफ भगवा ही भगवा

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लखनऊ| उत्तर प्रदेश में सरकार का हर बदलाव एक खास रंग के बदलाव के साथ नजर आ रहा है। प्रदेश के योगी राज में यह रंग भगवा है। जैकेट, साड़ी, पगड़ी, तौलिया, घर के साज सज्जा के सामान, यहां तक कि माइक्रोफोन के तार भी भगवा रंग में लिपटे नजर आ रहे हैं।

भगवा रंग

भगवा रंग में रंग गया है उत्तर प्रदेश

मंत्री और विधायक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी निष्ठा का ‘रंग’ दिखाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं। मंत्री आमतौर से भगवा रंग वाली सदरी (नेहरू शैली के खादी जैकेट) पहने नजर आते हैं। महिला मंत्री नारंगी रंग की साड़ियों में एक से अधिक बार दिख जाती हैं। एकमात्र सिख मंत्री बलदेव ओलख भी अधिकांश मंौकों पर भगवा रंग वाली पगड़ी बांधे हुए नजर आते हैं।

योगी मंत्रिमंडल के एकमात्र मुस्लिम चेहरे मोहसिन रजा ने अब भगवा सदरी को पहनना लगभग अपनी आदत बना लिया है। उन्हें इसे भगवा रंग के कुर्ते के साथ पहने देखा जा सकता है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की कार का सीट कवर चमकदार नारंगी रंग वाला है और अधिकांश मंत्री चमकदार भगवा रंग के चंदन का टीका लगा रहे हैं।

रंग हमेशा से ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण रहे हैं। मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी के शासनकाल में यह रंग नीला था जबकि समाजवादी रंग लाल और हरा था। और अब, हर तरफ भगवा है।

यह रंग योगी को कितना पसंद है, यह इससे भी साफ होता है कि जिन कुर्सियों पर वह बैठते हैं, वह नारंगी रंग से ढंकी होती हैं। उनके कार्यालय में सोफा, कुर्सी, सभी पर यही रंग चढ़ा हुआ है।

और, जहां यह संभव नहीं है, जैसे कि कैबिनेट की बैठकों में, तो वहां परंपरागत सफेद तौलिये को नारंगी तौलिये से बदल दिया गया है। सरकारी अहलकार यह सुनिश्चित कर लेते हैं कि योगी अगर कहीं सार्वजनिक समारोह को संबोधित करने जा रहे हैं तो माइक्रोफोन और इसका तार भगवा कपड़े में लिपटा हो।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “महाराज जी (योगी) को यह रंग बहुत पसंद है। इसलिए उन्हें और उनके मूड को खुश रखने के लिए..भगवा रंग की मौजूदगी को सुनिश्चित किया जाता है।”

हाल ही में योगी समीक्षा बैठक के लिए बुंदेलखंड गए थे। वहां अफसरों की ‘सतर्कता’ का यह आलम था कि उन्होंने सभी अति विशिष्ट हस्तियों को पीने के लिए केवल ‘ऑरेंज कोल्ड ड्रिंक’ ही दिए।

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