बिना बारिश के आई बाढ़, विभाग भी है परेशान

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भागीरथी नदीदेहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों कुदरत ने अपने कहर से लोगों को मुसीबत में डाल लिया है। पहले आग ने प्रदेश के जंगलों को जला कर खाक कर दिया और अब बदल फटने से अचानक आई बाढ़ ने लोगों के लिए परेशानी बढ़ा किया है। उत्तरकाशी में भागीरथी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है।

भागीरथी नदी में बढ़ा जलस्तर

भागीरथी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। जिससे डिडासारी, स्याबा, अठाली में नदी पर बनी वैकल्पिक पैदल पुलिया बह गई। पैदल पुलिया बहने से ग्रामीणों को ट्राली से आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है। जोशियाड़ा में भागीरथी नदी पर बना वैकल्पिक सड़क मार्ग भी पानी में समा गया है, जिससे एक मैक्स नदी के बीच टापू में फंस गई है।

बिना बारिश के अचानक भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने से डिडसारी, स्याबा और अठाली में ग्रामीणों द्वारा नदी पर लगाई लकड़ी की वैकल्पिक पुलिया बह गई। वैकल्पिक पुलिया बहने के बाद अब तीन गांवों के ग्रामीणों को ट्राली से जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ेगा।

नदी के बीच फंस गई गाड़ी

जोशियाड़ा में नदी किनारे पार्किंग में खड़ी एक मैक्स नदी के बीच टापू में फंस गई है। साथ ही बाजार से नदी के बीचोंबीच बनाया गया वैकल्पिक मार्ग भी पूरी तरह से आवाजाही के लिए बंद हो गया है। अब जोशियाड़ा और विकास भवन जाने वाले लोगों को इंद्रावती झूला पुल, जोशियाड़ा और तिलोथ मोटर पुल से आवाजाही करनी पड़ेगी।

जलस्तर बढ़ने से भागीरथी नदी के तट पर बने वैकल्पिक पुल बहने से ग्रामीणों के सामने किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। स्याबा, डिडसारी और अठाली में ट्राली से ग्रामीणों की आवाजाही कराने को लोनिवि को निर्देश दिए गए हैं।

बता दें कि लोहाघाट से मिली जानकारी के मुताबिक बाराकोट विकासखंड के बैड़ाओड़ ग्राम पंचायत के सेरी तोक में तेज बारिश और अतिवृष्टि से आए मलबे से जबर्दस्त नुकसान हुआ है। 19 लोगों के घरों में पानी घुस गया, जबकि 35 लोगों के खेत मलबे से पट गए। एक पिकअप मलबे में दब गई।

मलबे से पेयजल लाइन भी से ध्वस्त हुई है। अलबत्ता किसी प्रकार की जन क्षति नहीं हुई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम ने मौके पर पहुंच गई है। गंगोलीहाट क्षेत्र में भारी बारिश से कई आंतरिक सड़कें बंद हो गईं। बागेश्वर से मिली जानकारी के मुताबिक वहां मूसलाधार बारिश से गोमती, सरयू नदियां उफान पर आ गईं। गोमती का जलस्तर बढ़ने से तटबंध निर्माण के लिए नदी किनारे खड़ी की गई एक जेसीबी मशीन डूब गई।

सरयू नदी में घाट निर्माण के लिए रखा सामान बह गया। उफान को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट कर दिया गया। एहतियात के तौर पर गोमती पुल में पुलिस फायर ब्रिगेड तैनात कर दी गई। गोमती का जल स्तर 864 मीटर तो सरयू नदी का जलस्तर 863.50 मीटर पर पहुंच गया है। चंपावत में 12 मिलीमीटर बारिश हुई।

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