भाजपा प्रत्याशी घोषित होते ही कपिल देव पर लटकी कार्यवाही की तलवार पालिका के करोडो के बकाया का निर्वाचन आयोग ने लिया संज्ञान

मुजफ्फरनगर

नगर पालिका परिषद का चेयरमैन रहते हुए करोड़ों रूपये की टैक्स चोरी की फाइलों को खुर्दबुर्द करने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री और सदर सीट से बीजेपी प्रत्याशी कपिल देव अग्रवाल के खिलाफ कार्यवाही होने के आसार बन गये है। कपिल देव के भाजपा प्रत्याशी घोषित होते ही एक शिकायत के आधार पर निर्वाचन आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया है और कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

जानकारी के अनुसार गांव कुतुबपुर निवासी सुनील त्यागी ने निर्वाचन आयोग से शिकायत की है, कि कपिल देव अग्रवाल भारती एडवरटाईजिंग एजेंसी चलाते है और उन पर नगर पालिका का करोडों रूपये का टैक्स बकाया है। कपिल देव ने वर्ष 2006 में नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव जीता था और पालिका चेयरमैन रहते हुए करोडो रूपये के टैक्स बकाया की फाइलें खुर्दबुर्द करा दी गई थी। इस मामले की पहले भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। तत्कालीन जिलाधिकारी व तत्कालीन पालिका प्रशासक अमरनाथ उपाध्याय ने भी कार्यवाही के प्रयास किये, लेकिन कपिल देव ने अपने रसूख से कोई कार्यवाही नहीं होने दी और पूरी जांच ठंडे बस्ते में पड गई।

इस मामले में शिकायतकर्ता सुनील त्यागी ने निवार्चन आयोग लखनऊ को सभी कागजात पूरे सबूतों के साथ सौंपे है, जिस पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने जांच का आश्वासन दिया है। इस मामले में सबसे बडी बात यह है कि कपिल देव ने भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद नगर पालिका से अपना नो ड्यूज बनवाया, जिसमें पालिका ने उन्हें क्लीन चिट देते हुए कुछ भी बकाया नहीं दर्शाया है। इस मामले को पहले भी कई बार सवाल खडे हुए। कपिल देव 2016 के उप चुनाव व 2017 के विधानसभा के आम चुनाव में भी विधायक बने थे और तब भी उन्होंने पालिका से नो ड्यूज बनवाया था, लेकिन पालिका खुद अपना ही टैक्स वसूलने में नाकाम साबित हो रही

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