भाजपा की वादाखिलाफी से कर्मचारी नाराज, कपड़े उतारकर किया प्रदर्शन

भोपाल| मध्य प्रदेश में हजारों कर्मचारी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए गुरुवार को दो दिनी सामूहिक अवकाश पर चले गए। भोपाल में कर्मचारियों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और सरकार पर तरह-तरह के आरोप लगाए। राज्य के मंत्रालय कर्मचारी संघ, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, लघुवेतन कर्मचारी संघ, राजस्व कर्मचारी संघ एवं नगर पालिका कर्मचारी संघ के संयुक्त आह्वान पर 12 व 13 अप्रैल को सामूहिक अवकाश आंदोलन चल रहा है।

राजधानी के कर्मचारी मंत्रालय के गेट क्रमांक एक पर एकत्र हुए। उन्होंने अपनी नाराजगी अर्धनग्न होकर और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रकट की। राज्य सचिवालय से ग्राम सचिवालय के लिपिक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सामूहिक अवकाश आंदोलन पर रहने के कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा।

कर्मचारियों की पहले दिन की हड़ताल का व्यापक असर रहा। पूरे प्रदेश में हड़ताल को कर्मचारी नेताओं ने सफल होने का दावा किया है। हड़ताली कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट कहा कि अब हमें आश्वासन नहीं, आदेश चाहिए।

भोपाल में पहले दिन की हड़ताल में सुधीर नायक, मनोज बाजपेयी, महेंद्र शर्मा, सुभाष वर्मा, डॉ. सुरेश गर्ग, लक्ष्मीनारायण शर्मा, विजय रघुवंशी, मोहन अय्यर, उमाशंकर तिवारी, महमूद खान, राकेश मिश्रा, टी.पी. अग्निहोत्री, राजकुमार पटेल, सतीश शर्मा, आशीष सोनी, आलोक वर्मा, अनिल तिवारी, आनंद भट्ट, साधना मिश्रा, प्रदीप सेन, ठाकुर दास प्रजापति, निहाल सिंह जाट सहित हजारों कर्मचारियों की हिस्सेदारी रही।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें हैं : लिपिकों की ग्रेड पे का उन्नयन कर 2400 रुपये किया जाए, रमेशचंद्र समिति की 23 अनुसंशाएं लागू की जाएं, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) और वन विभाग के लिपिकों को बिना शर्त तृतीय समयमान दिया जाए, लेखापाल की विसंगति 1 जनवरी, 1996 से दूर की जाए, कर्मचारियों से हो रही रिकवरी को तत्काल बंद किया जाए, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का वृत्ति कर पूर्ण रूप से समाप्त किया जाए, ‘भृत्य’ का पदनाम परिवर्तित किया जाए, अर्जित अवकाश (ईएल) की संग्रहण सीमा 240 से बढ़ाकर 300 दिन की जाए, पेंशनरों को बकाया मंहागाई भत्ता एवं सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाए।

अन्य मांगें हैं : संविदा कर्मचारियों का नियमितिकरण किया जाए, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए, मंत्रालय के अनुभाग अधिकारी एवं निजी सचिव का वेतनमान पुनरीक्षित किया जाए, स्टेनो, टाइपिस्ट का तृतीय समयमान संशोधित किया जाए, तिलहन संघ से मर्ज कर्मचारियों का पे प्रोटेक्शन किया जाए, अनाज एवं त्यौहार के लिए अग्रिम भुगतान 10,000 रुपये किया जाए।

Related Articles