अगर आप भी विदेश में पढ़ना चाहते हैं तो इस देश को बनाइये अपनी मंजिल

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भारतीय स्टूडेंट्स अपनी मेहनत और काबिलियत के बल पर दुनिया के किसी भी देश में जाकर एडमिशन ले सकते हैं। इसी प्रतिभा की वजह से विदेशों सबसे ज्यादा भारतीय छात्रों को जगह मिलती है। आपकी भी ख्वाहिश है कि विदेश जाकर अपनी पढ़ाई पूरी करें तो आज हम आपके लिए कुछ ऐसे देश की यूनिवर्सिटी लेकर आयें जहां आप अप्लाई कर सकतें हैं।

भारतीय स्टूडेंट्स

भारतीय स्टूडेंट्स के लिए बेहतर साबित हो सकती हैं ये जगहें

अमेरिका: एजुकेशन के हिसाब से यूएस में पढ़ाई के लिए कॉमर्स और आर्ट्स के स्टूडेंट्स ज्यादा जाते हैं। 2011-12 में करीब 764,500 इंटरनेशनल स्टूडेंट्स अमेरिका पढ़ने पहुंचे थे। एडमिशन के लिहाज से देखा जाए तो हॉवर्ड बिजनेस स्कूल, स्टैनफर्ड ग्रैजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस का बस नाम ही काफी है। टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिग के में यूएस की हॉवर्ड यूनिवर्सिटी को पहला स्थान मिला है। पढ़ाई के लिए अहम यूनिवर्सिटीज की बात करें तो वाशिंगटन यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ मिसौरी सेंट लुइस और सेंट लुइस यूनिवर्सिटी बेहतर मानी जाती हैं।

जर्मनी: जर्मनी आपके लिए बेहतर ऑप्शन हो सकता है। यहां करीब 900 से ज्यादा ग्रेजुएट और अंडर ग्रेजुएट के कोर्स ऑफर किए जाते हैं। यहां की सबसे बड़ी बात ये है कि यहां पढने के लिए जरुरी नहीं कि आपको जर्मन आनी चाहिए। बहुत सारे प्रोग्राम इंग्लिश में इंग्लिश में ही पढ़ाए जाते हैं। यही वजह है कि 1995 में स्टूडेंट्स की संख्या 1,40,000 से बढ़कर 2013 के एकेडमिक वर्ष की शुरुआत में 2,80,000 हो गई थी। साथ ही यहां रहने और ट्यूशन फ़ीस अन्य जगहों की अपेक्षा कम है।

ब्रिटेन: ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज रिसर्च के लिए जानी जाती हैं। आंकडों की मानें तो ब्रिटेन में 2024 तक पीजी के विदेशी स्टूडेंट्स की तादाद 2,41,000 होगी। अकेले इंग्लैंड में करीब 100 यूनिवर्सिटीज हैं और इनमें 340000 इंटरनेशनल स्टूडेंट्स पढ़ाई करते हैं। ब्रिटेन में अब तक सबसे ज्यादा विदेशी पीजी स्टूडेंट्स चीन के बाद भारत के होते हैं। यहां के पीजी कोर्सेज की एक खास बात है कि इनकी अवधि कम होती है।  यहां के अंडर ग्रैजुएट कोर्सेज का दुनियाभर में नाम है, हायर स्टडी या रिसर्च के लिए ये आधार होते हैं।

ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलिया भी भारतीयों के लिए एक बड़ा एजूकेशनल डेस्टिनेशन माना जाता है।  फिलहाल 4,00,000 भारतीय स्टूडेंट्स ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे हैं। दुनिया की 100 यूनिवर्सिटीज में ऑस्ट्रेलिया की कई यूनिवर्सिटी शामिल हैं। यहां अमेरिका और ब्रिटेन की तुलना में एडमिशन प्रोसेस काफी आसान होता है। वोकेशनल कोर्सेज के साथ यहां कॉमर्स और आर्ट्स के कोर्सेज के लिए स्टूडेंट्स आते हैं। जहां तक बात करें कॉमर्स और आर्ट्स कोर्सेज की तो वो भी लीक से हटकर हैं। यहां की बेस्ट यूनिवर्सिटीज हैं, यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड, ऑस्ट्रेलियन नैशनल यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न, यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी।

रूस: रूस की यूनिवर्सिटीज में 2012 से सालाना 60 फीसदी ज्यादा भारतीय स्टूडेंट्स पहुंच रहे हैं। 2012 में भारतीय स्टूडेंट्स की संख्या 280 थी, जो 2012 में 450 तक पहुंच गई। इस समय रूस में विभिन्न इंस्टीट्यूट्स में करीब 5,000 स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं। हायर एजुकेशन के 600 से ज्यादा इंस्टीट्यूट करीब 500 अलग-अलग स्पेशल कोर्स कराते हैं।

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