भारत की ये जगह किसी जन्नत से कम नहीं

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देहरादून। कुदरत से प्यार करने वालों के लिए उत्तराखंड किसी जन्नत से कम नहीं है। हर दिन हजारों लोग यहां घूमने आते हैं। इसे देवभूमि भी कहा जाता है। ट्रे‌किंग के शौकीनों के‌ लिए यह सबसे बेहतर जगह मानी जाती है।

जन्नत

जन्नत जैसी खूबसूरती है यहां

कहा जाता है कि धरती पर अगर कहीं जन्नत है तो वह यहीं हैं। यहां धार्मिक स्थल के साथ घूमने की भी कई जगह है जिसे देखने के लिए हर धर्म के लोग यहां आते हैं। लेकिन सबसे अधिक ट्रे‌किंग के शौकीन लोग आते हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्वतारोही यहां पहुंचते हैं।

एवरेस्ट से कम नहीं गंगोत्री हिमालय क्षेत्र

पर्वतारोहियों के बीच भले ही विश्व की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट को लीजेंड माना जाता हो, लेकिन गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में मौजूद दर्जनों हिमशिखर भी कुछ कम नहीं हैं। इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन(आईएमएफ) ने देश में सर्वाधिक चढ़ी जाने वाली चोटियां इसी क्षेत्र में चिह्नित की हैं।

यदि सरकार ढांचागत सुविधा तथा खोज एवं बचाव की ओर ध्यान दे तो पर्वतारोहण राजस्व का बड़ा जरिया साबित होने के साथ ही रोजगार का दरिया बहा सकता है।

यहां इन लोगों ने लिया प्रशिक्षण

उत्तरकाशी जिले की दृष्टि से देखें तो यहां पर्वतारोहण प्रशिक्षण के लिए दुनिया का नामचीन नेहरू पर्वतारोहण संस्थान है। जहां बछेंद्रीपाल, डॉ. हर्षवंती बिष्ट, सुश्री चंद्रप्रभा ऐतवाल, संतोष यादव, अर्जुन वाजपेई, कृष्णा पाटिल जैसे तमाम प्रख्यात पर्वतारोहियों के अलावा हजारों लोग प्रशिक्षण पा चुके हैं।

आप को शायद पता होगा कि भारत को mini world भी कहा जाता है क्योंकि यहां सभी मौसम पाए जाते हैं वहीं देश के किसी कोने में ठंड होती है तो कहीं गर्मी। यहां कुछ ऐसी जगह भी हैं जहां एक ही मौसम हर दिनों में रहता है।

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