भारत दौरे पर आए सुंदर पिचाई ने कहा, अप्रैल फूल के दिन गया था इंटरव्यू देने

0

नई दिल्‍ली। गूगल के CEO सुंदर पिचाई गुरुवार को आईआईटी खड़गपुर पहुंचे। वहां उन्‍होंने छात्रों को संबोधित किया। पिचाई खुद भी इसी संस्‍थान के छात्र रहे हैं। इसलिए भारत दौरे पर आए सुंदर पिचाई ने इस बार आईआईटी जाने का फैसला किया था।

भारत दौरे पर आए सुंदर पिचाई

भारत दौरे पर आए सुंदर पिचाई ने ताजा कीं पुरानी यादें

भारत दौरे पर आए सुंदर पिचाई ने इस दौरान अपनी पुरानी यादें ताजा कीं। सेशन की शुरुआत में उन्‍हें कुछ पुरानी तस्‍वीरें दिखाई गईं तो उन्‍होंने अपने दोस्‍तों को झट से पहचान लिया। वे हॉस्‍टल भी गए, जहां पढ़ाई के दौरान रहा करते थे। इस मौके पर उन्‍हें सुनने के लिए 3,500 से ज्‍यादा लोग वहां मौजूद थे। जब पिचाई से पूछा गया कि उनके समय में आईआईटी में मेस का खाना कैसा था तो उन्‍होंने कहा, ‘हम गेस करते थे कि ये सांभर है या दाल है’।

मॉर्निंग क्‍लासेज बंक कीं

एक सवाल के जवाब में पिचाई ने कहा, ‘हां मैंने मॉर्निंग क्‍लासेज बंक की हैं। पर मैं आप सबसे यही कहूंगा कि आप मेहनत करें।

जब दी थी गाली…

आईआईटी खड़गपुर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए पिचाई ने कहा, ‘मैंने स्‍कूल में हिन्‍दी पढ़ी तो थी, पर ज्‍यादा बोल नहीं पाता था। चेन्‍न्‍ई से आया था। यहां दूसरे छात्रों को देख हिन्‍दी बोलना सीख रहा था। एक दिन मैं मेस पहुंचा और वहां खड़े आदमी को ‘अबे साले’ कहकर बुलाया। सब हंसने लगे। लेकिन तब तक मुझे यही लगता था कि लोगों को हिंदी में ऐसे ही बुलाते हैं…

रिस्‍क लो, आगे बढ़ो

पिचाई ने छात्रों को सक्‍सेस मंत्र देते हुए कहा कि सभी को जीवन में रिस्‍क लेना चाहिए, जिससे वे जो करना चाहते हैं वो कर सकें।

इंस्‍टीट्यूट नहीं है सक्‍सेस की गारंटी

‘एक अच्‍छे इंस्‍टीट्यूट में जाना सक्‍सेस की गारंटी नहीं है। जिंदगी में एक सही नजरिया होना बहुत जरूरी है। और आप जो भी करो उसमें खुश रहो। मैंने सुना है कि बच्‍चे 8वीं से आईआईटी की तैयारी करते हैं। बच्‍चे को ऐसा रास्‍ता दिखाएं कि उसकी उम्‍मीदें खत्‍म ना हों। जिंदगी को बड़े नजरिए से देखना चाहिए’।

अंजलि से यहीं हुई थी मुलाकात

जब एक छात्र ने भारत दौरे पर आए सुंदर पिचाई से अंजलि के बारे में पूछा तो उन्‍होंने कहा, ‘अंजलि मेरी पत्‍नी है। उनसे मैं यहीं मिला था। वो यहीं पढ़ती थीं। गर्ल्‍स होस्‍टल में रहती थीं। वहां जाकर उनसे मिलना मुश्किल होता था। वहां जाकर किसी को बोलना होता था और वो वहां तेज आवाज में बोलता था कि अंजलि, तुमसे सुंदर मिलने आया है’।

अप्रैल फूल के दिन दिया गूगल में इंटरव्‍यू

पिचाई ने बताया कि गूगल में उनका इंटरव्‍यू 1 अप्रैल 2004 को हुआ था। उस दिन अप्रैल फूल डे था और गूगल ने जीमेल का कांसेप्‍ट इंट्रूड्यूज किया था। तीन इंटरव्‍यू में तो मैंने ठीक आंसर नहीं दिए क्‍योंकि मुझे पता ही नहीं था कि जीमेल है क्‍या। चौथे इंटरव्‍यू में उन्‍होंने मुझे जीमेल दिखाया तो मैंने उसके बारे में बताया कि कैसे जीमेल को और बेहतर किया जा सकता है।

loading...
शेयर करें