‘भारत माता की जय’ के खिलाफ फतवा जारी, जानिए क्या लिखा है

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हैदराबाद। बीते दिनों एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने ‘भारत माता की जय’ बोलने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद काफी बवाल मच गया था। कई लोगों ने ओवैसी के इस बयान की आलोचना कर भी की थी। अभिनेत्री शबाना आजमी ने तो यहां तक कहा था कि अगर ओवैसी ‘भारत माता की जय’ न बोल पा रहे हैं तो ‘भारत अम्मी की जय’ बोल दो। अब हैदराबाद के इस्लामिक मदरसे जामिया निजामिया में शुक्रवार को एक फतवा जारी किया गया है। इसमें कहा गया कि इस्लामिक मान्यताएं और तर्क मुस्लिमों को ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाने की इजाजत नहीं देते हैं।

‘भारत माता की जय’

‘भारत माता की जय’ पर आरएसएस पर बोला हमला

मदरसे के फतवा सेंटर के प्रमुख मुफ्ती अजीमुद्दीन ने इस आदेश की व्याख्या भी की है। उन्होंने कहा कि तर्कों के आधार पर एक इंसान ही दूसरे इंसान को जन्म दे सकता है और भारत की जमीन को माता बताना तर्कों से उलट है। असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि आरएसएस ने ‘भारत माता की जय’ का मामला ‘घर वापसी’ को प्रमोट करने के लिए उठाया है। उन्होंने कहा कि वह हिंदुत्व के खिलाफ हैं हिंदुओं के नहीं। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने देश की पूजा नहीं करता, पर मैं अपने देश से प्यार करता हूं। मैं अपने देश के लिए वफादार हूं।’ लेकिन भारत माता की जय नहीं बोलूंगा।

क्या कहा था ओवैसी ने

ओवैसी ने रविवार को सभा में कहा कि मैं भारत में रहूंगा पर ‘भारत माता की जय’ नहीं बोलूंगा। क्योंकि यह हमारे संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि भारत माता की जय बोलना जरूरी है। चाहे तो मेरे गले पर चाकू लगा दीजिए, पर भारत माता की जय नहीं बोलूंगा। मुझे मेरा संविधान इसकी आजादी देता है कि ऐसा कोई नारा न लगाऊं।

जावेद अख्तर ने भी साधा निशाना

असदुद्दीन ओवैसी का नाम लिया बिना जावेद अख्तर ने कहा कि उन्हें गुमान हो गया है कि वह एक राष्ट्रीय नेता हैं। जबकि उनकी हैसियत एक मोहल्ले के नेता से ज्यादा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह कहते हैं कि किसी भी कीमत पर भारत माता की जय नहीं बोलेंगे क्योंकि ऐसा संविधान में नहीं लिखा है। जावेद अख्तर ने तंज कसते हुए कहा कि संविधान में तो शेरवानी और टोपी पहनने के लिए भी नहीं लिखा है।

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