भारी बारिश से कर्नाटक को मिली राहत, खाली पड़े जलाशय हुए लबालब

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बेंगलुरू। शुष्क और सूखा प्रवण राज्य कर्नाटक में मॉनसून की अच्छी बारिश होने से कावेरी, तुंगभद्रा और कृष्णा नदी बेसिन में स्थित जलाशयों के भरने से राज्य को राहत मिली है। कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र (केएसएनडीएमसी) के निदेशक जी.एस. रेड्डी ने बताया, “मॉनसून मौसम के पहले महीने में राज्य में भारी बारिश अच्छा शकुन है, क्योंकि पेयजल आपूर्ति और खरीफ की फसल की सिंचाई करने वाले जलाशय भर गए हैं।”

अच्छी बारिशरेड्डी ने कहा कि कावेरी बेसिन के जलाशय पिछले 10 वर्षो की तुलना में बेहतर स्तर पर हैं।

राज्य में चार जून से मॉनसून की दस्तक के बाद से कुछ सप्ताहों से हो रही भारी बारिश से काबेरी की प्रमुख सहायक नदियों में से एक कबिनी नदी में मैसुरू जिले में बना कबिनी जलाशय अपनी अधिकतम क्षमता 17 टीएमसी (थाउजेंड मिलियन क्यूबिक फीट) तक भर गया है।

2017 में यह स्तर मुश्किल से चार टीएमसी हो सका था।

इसी प्रकार मांड्या जिले में कावेरी नदी पर बना कृष्णा राज सागर (केआरएस) जलाशय, बेल्लारी जिले में तुंगभद्रा नदी पर बना तुंगभद्रा जलाशय भी उल्लेखनीय रूप से भर गए हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की बेंगलुरू शाखा के अनुसार चार जून से तटीय और मलंद क्षेत्रों में स्थित जिलों में सामान्य से 60 फीसदी बारिश हुई है।

रेड्डी ने कहा, “मॉनसून राज्य में अभी नरम हो गया है और हम अगले सप्ताह तक इसके फिर से सक्रिय होने की उम्मीद कर रहे हैं। तब बेंगलुरू और इसके आस-पास के जिलों में बारिश होगी।”

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