मॉक ड्रिल: उत्तराखंड में भूकंप के झटके, सैकड़ों के मरने व घायल होने की सूचना

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देहरादून। उत्तराखंड में भूकंप पूर्व करायी गयी मॉक ड्रिल से पहले परेशानियों का सामना करना पड़ा। पूर्व नियोजित के एक कार्यक्रम में सुबह 9.33 बजे देहरादून से चमोली केन्द्र पर 7.2 तीव्रता से हरिद्वार के हताहत होने की सूचना मिली। इसमें 14 लोगों के मारे जाने एवं हजारों की संख्या में घायल होने की अनुमान के बाद डीएम ने सभी अधिकारियों से तुरंत पहुचने को कहा।

भूकंप

भूकंप से राहत पाने के लिए जारी किया टोलफ्री नंबर

डीएम ने कण्ट्रोल रूम पहुच कर खुद सारा काम अपने हाथों में ले लिया। सभी आम जनता से अपील की कि वो ऐसी अफवाहों पर बिलकुल ध्यान न दें। प्रभावित जगह टास्क फोर्स टीम, मेडिकल, आर्मी, लॉजिस्टिक, स्वयंसेवी संस्था भेजी गई। उन्होंने कहा अगर कोई नुकसान होता है और राहत कि जरुरत पड़ती है। तो 1077 टोलफ्री पर अथवा लोकल थाने पर सूचना की प्रसारित की गई। इसके साथ ही राहत कार्य के लिए टीमें भेज दी गयी है।

वहीं, पौड़ी में भी मॉक ड्रिल के तहत भूकंप की पूर्व तैयारियों के लिए पुलिस, प्रशासन और अस्पताल प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण लिया गया। इसके तहत भूकंप आने पर डीएम द्वारा राहत बचाव कार्य के लिए टीमें जगह जगह रवाना की गई।

कुमांऊ में भी मॉक ड्रिल के तहत नैनीताल में सुबह ठीक दस बजकर 12 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किये गए। भूकंप से डेढ़ सौ की मौत और साढ़े सात हजार घायल होने की सूचना मिली। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से नैनीताल में भकम्प का मॉकड्रिल किया जा रहा है। मल्लीताल फ्लैट्स पर राहत केम्प बनाये गए हैं। भकम्प का सायरन बजते ही राहत और बचाव टीमें रवाना हो गई। पुलिस, पीएसी, आईटीबीपी, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीआरडी, होमगार्ड की टीमें राहत बचाव कार्य में जुटी हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घायलों के उपचार को मुस्तैद हैं।

डीएम दीपक रावत समेत एडीएम जसवंत राठौर व बीएल फिरमाल, केएमवीएन जीएम टीएस मर्तोलिया, समेत सभी एसडीएम समेत विभागीय अधिकारी जुटे हैं। मॉकड्रिल को लेकर शहर के लोगों में कौतूहल है तो अधिकारियों की नींद उड़ी है।

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