उत्तराखंड के 250 से अधिक गांव देश-दुनिया से कटे

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भूस्खलनदेहरादून उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन से काफी मालबा आ गया है। जिसके चलते 250 से अधिक गांवों का संपर्क दुनिया से टूट गया है। जिसके चलते उन जगह पर  राहत बचाव वाले भी वहां नहीं पहुंच सकते हैं।

भूस्खलन से 16 रस्ते बंद

चकराता-कालसी, हरिपुर-कोटी-मीनस समेत क्षेत्र में भूस्खलन से 16 मार्ग मलबा आने से बंद हो गए हैं। कई जगह तो लोगों को 45-50 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।

सुबह 10 बजे कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट, ककाड़ी खड्ड, लालढांग, शंभू की चौकी, चापनू, झड़वाला, भूतियाधार, सैंसा, पणायसा, कोथीधार के पास भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे मार्ग पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। मार्ग के दोनों ओर कई वाहन फंसे हुए हैं।

लगातार पहाड़ी के दरकने से मलबा सड़क पर आ रहा है। ऐसे में लोनिवि को भी सड़क खोलने में खासा मशक्कत करनी पड़ रही है। इस मार्ग से जुड़े कई संपर्क मार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद हैं। इससे करीब 200 गांवों का संपर्क देश-दुनिया से कट गया है।

इसके साथ ही हरिपुर-कोटी-मीनस मोटर मार्ग पर भी इछाड़ी के पास भारी मात्रा में मलबा आ गया है। इससे 100 से अधिक गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा हुआ है। लोगों को वाया पुरोला होकर सफर करना पड़ रहा है। फसलों से भरे कई ट्रक बीच रास्ते में फंसे हुए हैं। इसके साथ ही कई बड़े और छोटे मोटर मार्ग भी जगह-जगह मलबा आने से बंद पड़े हैं।

इस रास्तों पर पूरी तरह से आवाजाही बंद

साहिया-क्वानू, साहिया-माख्टी, साहिया-बडनू, साहिया-ककाड़ी, लालपुल-निथला-बिसोई, साहिया-उद्पाल्टा, लालपुल-रानीगांव, कोरूवा-क्वारना, बिजऊ बैंड-भुग्तार, मुंधीघाटी-धोईरा-देऊ, चकराता लाखमंडल, चंदेऊ-सुजेऊ, मुशीघाटी-देऊ, गडोल-सकरोल, कोटी-डिमऊ डांडा, जोशीगांव-गोथान समेत 16 मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ी है।

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