पांचवीं पत्‍नी ने दूसरे पति का कराया मर्डर

0

गोरखपुर। जनपद की बेलीपार पुलिस ने एक ऐसे मर्डर की गुत्थी सुलझाई है जिसका सच जानकर लोग दांतों तले उंगुली दबा ले रहे हैं। मर्डर की पूरी कहानी तो बस्ती जिले में तैयार हुई लेकिन वाकया गोरखपुर में हुआ। कहानी ऐसी है कि हर कोई सुनना और सुनाना चाहता है। दरअसल, गोरखपुर में 15 जनवरी की रात बस्ती के मोतीलाल राजभर की हत्या उनकी पांचवीं पत्नी प्रेमा देवी ने कराया था। मोतीलाल भी प्रेमा के पहले पति नहीं थी। वह इस महिला के दूसरे पति थे। प्रेमा और मोतीलाल चाट की दुकान चलाते थे। आरोप है कि प्रेमा के पहले पति की दो नाबालिग बेटियों से मोतीलाल छेड़छाड़ करते थे, लिहाजा चाट की दुकान के सामने ठेला लगाने वाले दीपक कसौधन को तीस हजार रुपये की सुपारी देकर प्रेमा ने उनकी हत्या करा दी। दस हजार रुपये दीपक को एडवांस मिल चुके थे।

मर्डर

मर्डर में इस्तेमाल खून से सना ईंट बरामद

पुलिस लाइंस गोरखपुर में हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ब्रजेश सिंह ने बताया कि प्रेमा देवी, दीपक कसौधन और उसके सहयोगी रानू सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से मर्डर में इस्तेमाल खून से सना ईंट, मोतीलाल का मोबाइल फोन और हत्या में प्रयुक्त मोटर साईकिल बरामद कर ली गई है। इस हत्याकांड का खुलासा करने वाले टीम में बेलीपार के थानाध्यक्ष गौरव सिंह, कांस्टेबल रमाकान्त प्रसाद, रमेश सिंह यादव और आरती यादव शामिल रहे। उन्होंने कहा कि दीपक और रानू को संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद में कांशीराम आवासीय योजना के तहत मिले रानू के आवास से गणतंत्र दिवस के दिन गिरफ्तार किया गया। दोनों ने अपराध स्वीकार किया और उनकी निशानदेही पर सुपारी देने वाली प्रेमा देवी को गिरफ्तार किया गया।

यूं हुआ कत्ल

पुलिस के अनुसार प्रेमा देवी के पहले पति से उनकी तीन संताने थीं। एक बच्ची की वह शादी कर चुकी थीं जबकि दो नाबालिग बेटियां साथ रहती थीं। मोतीलाल राजभर उनका दूसरा पति था। वह नाबालिग बेटियों के साथ छेड़छाड़ करता था। प्रेमा इससे खासा परेशान थीं। मोतीलाल शराब के नशे का आदी था और प्रेमा ने उसका फायदा उठाया। प्रेमा और मोतीलाल की दुकान के सामने ठेला लगाने वाले दीपक कसौधन से प्रेमा ने अपनी पीड़ा बताई तो दीपक ने हत्या कराने का वायदा किया। मोतीलाल की बीबी ने इसके बदले तीस हजार रुपये देने को कहा और दस हजार रुपये एडवांस भी दे दिये। फिर 15 जनवरी की रात दीपक ने मोतीलाल को बाईक पर बैठाया और खलीलाबाद में उसे अपने साथी रानू सिंह कसेरा के साथ दारू पिलाया। फिर तीनों बनारस गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पहुंचे। वहां महोबा गांव के पास सुनसान जगह देखकर ईंट से कूंच मोतीलाल की हत्या कर दी।

मिली थी अज्ञात लाश

16 जनवरी की सुबह ग्रामीणों ने अज्ञात लाश देखी। मोतीलाल का शिनाख्त न होने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम और पंचनामे की कार्यवाही पूरी कर दी। इस बीच, अखबारों में खबर पढ़ने के बाद मोतीलाल के भाई शिवपूजन राजभर बेलीपार थाने पहुंचे और उन्होंने लाश हासिल कर लिया। दाह संस्कार के बाद शिवपूजन ने 20 जनवरी को अज्ञात हत्यारों के खिलाफ बेलीपार थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस ने जारी किया डिटेल

अभियुक्तों का विवरण जारी करते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि मोतीलाल की पत्नी प्रेमा देवी बस्ती के कोतवाली थानाक्षेत्र के महरिखांवा गांव की निवासी हैं। अभियुक्त दीपक कसौधन संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल चौराहा के निवासी स्व. विनोद कमार कसौधन का बेटा है। इनके अलावा रानू सिंह कसेरा खलीलाबाद के ही कांशीराम आवास के ब्लाक संख्या 8 के कमरा संख्या 8 में रहने वाले सुशील सिंह का बेटा है।

loading...
शेयर करें