यूपी के मुसलमान चले पीएम मोदी की राह, मस्जिद में किया योग

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यूपी के हाथरस जिले के गांव अल्हैपुर चुरसैन के मुलमानों ने मस्जिद में योग करके उन लोगों को आइना दिखाया है जो ओम उच्चारण और सूर्य नमस्कार का बहाना बनाकर योग को धर्म से जोड़ने का काम कर रहे हैं। साथ ही यह संदेश भी दिया है कि योग से धर्म का कोई लेना देना नहीं है और भागदौड़ की जिंदगी में शरीर की हिफाजत के लिए योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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मस्जिद में योग का वीडियो भी देखिए –

सुनकर आपको यकीन न हो रहा हो तो यूपी के हाथरस जिले के गांव अल्हैपुर चुरसैन की मस्जिद में योग के इन दृश्यों को देखिये। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर मस्जिद में मुसलमान पूरे मनोयोग से योग कर रहे है। योग करने में सभी आयु वर्ग के लोग शामिल है। देश दुनिया से जैसे भी आवाजें उठें उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है। वे तो अपने शरीर को निरोगी बनाने के लिए योगक्रिया में तल्लीन है। योगासन करने में मस्जिद के मौलाना डॉ वली मोहम्मद भी आगे हैं। उनका कहना है कि योग से काया निरोग रहती है। शरीर के अंदर पूरे दिन फुर्ती रहती है। हाथ पैरों में जान आती है। खून का सर्कुलेशन बढ़ता है। आँखों की रोशनी बढ़ती है। पेट की खराबियां दूर होती है और नर्वस सिस्टम सही रहता है।

उनका कहना तो यह भी है कि योग से धर्म का कोई लेना देना नहीं है यह तो शरीर की हिफाजत के लिए है। देश दुनिया में ओम उच्चारण और सूर्य नमस्कार का बहना बनाकर योग को भले ही धर्म से जोड़ा जा रहा हो लेकिन हाथरस के गांव अल्हैपुर चुरसैन की मस्जिद के मौलाना डॉ वली मोहम्मद कहते है कि जरूरी नहीं कि ओम कहा जाय ओम न कहकर अल्लाह कह लें। रही बात सूर्य नमस्कार की तो मौलाना कहते है कि सूर्य की तरफ मुंह करने से एनर्जी मिलती है। मौलाना कहते है कि यह हमारा देश है और इसे हम हरा भरा देखना चाहते हैं।

 

(bhadas4media से साभार)

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