महंगाई की मार, दाल के बाद अब रोटी भी होगी महंगी

कानपुर। महंगाई की मार अब पूरी तरह से थाली में दिखाई देगी। दलहनी फसलों को तबाह करने के बाद अब मौसम का कहर रबी की फसलों पर टूट रहा है। जिसे देख जहां किसान का हलक सूख रहा है तो वहीँ कृषि वैज्ञानिक भी परेशान हैं। महंगाई की मार और कम बारिश के चलते बुन्देलखण्ड सहित सेंट्रल यूपी में गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। तापमान अधिक होने से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। एक पौधे पर 25 से 30 किल्ले आने वाली इस फसल के पौधे 10 से 15 किल्ले में ही सिमट गए हैं। जिससे 20 फीसदी से अधिक फसल के नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है।

 महंगाई की मार

एक तरफ महंगाई की मार, दूसरी तरफ तापमान

 

गेहूं की फसल के लिए दिन का तापमान 20 डिग्री से अधिक घातक साबित होता है। वर्तमान समय में तापमान 20 से जादा चल रहा है। जबकि बुंदेलखण्ड में तो यह 30 डिग्री से भी ज्यादा है। मौसम के इस बदलाव से गेहूं की फसल बहुत प्रभावित हो रही है।

बुन्देलखण्ड और सेंट्रल यूपी ज्यादा प्रभावित

 

बारिश न होने के चलते पहले ही बुन्देलखण्ड में 60 फीसदी किसान फसल नहीं बो पाये हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बोई गई फसल पर 20 फीसदी तक मौसम के चलते असर पड़ेगा। वहीँ सेंट्रल यूपी में भी 10 फीसदी तक का असर पड़ने के आसार दिखाई दे रहे हैं।

क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक

 

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवम् प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डा. धूम सिंह का कहना है कि पहले कम बारिश फिर खराब मौसम ने गेहूं की पैदावार बिगाड़ रहा है। पौधों पर कम किल्ले आ रहे हैं। बुन्देलखण्ड में यदि 24 जनवरी तक बारिश नहीं हुई और मौसम न बदला तो किसान परेशान हो जायेंगे। वहां वैसे भी कम फसल बोई गई है। उन्होंने बताया कि इसीको लेकर 20 जनवरी को मन्थन किया जायेगा। जिसके लिए वैज्ञानिकों को बुलाया गया है।

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