महबूबा मुफ्ती सरकार तो बनाएंगी लेकिन प्रधानमंत्री के आश्वासन के बाद

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महबूबा मुफ्तीनई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में मुख्‍यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की मौत के बाद सियासत की बागडोर संभालने को लेकर घमासान अभी तक जारी है। पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती का कहना है कि पीडीपी सरकार बनाने को तैयार है लेकिन इसके लिए भाजपा संगठन नहीं बल्कि सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आश्‍वासन देना होगा। इससे पहले भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर महबूबा मुफ्ती अपने पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के फैसले को अलोकप्रिय करार दे चुकी हैं।

महबूबा मुफ्ती का एजेंडा

एजेंडा आफ एलायंस को सख्ती से लागू करने की बात बार-बार कहने के पीछे महबूबा मुफ्ती का इशारा सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम हटाने, अलगाववादियों को शांतिप्रक्रिया में शमिल करने या बाढ़ पुनरुद्धार के नाम पर भारी भरकम पैकेज जैसी किसी बड़ी घोषणा की ओर है। वहीं महबूबा एक तरफ घाटी में उनकी पार्टी की घटती लोकप्रियता से परेशान हैं, तो दूसरी ओर अब वह भाजपा पर सरकार बनाने के सियासी दवाब को भुनाना चाहती हैं।

दूसरी ओर भाजपा ऐसा कोई कदम उठाने की स्थिति में नहीं है जिससे वह कश्मीर या पाकिस्तान जैसे किसी मुद्दे पर राष्ट्रीय राजनीति में कमजोर दिखे। उनके सामने बजट सत्र को सुचारू रूप से चलाने की तात्कालिक मजबूरी के साथ उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु व असम जैसे राज्यों में चुनाव की दीर्घकालीक आवश्यकता है। दोनों दलों की यह सियासी मजबूरियां ही जम्मू कश्मीर सरकार गठन के रास्ते में एक महीने से रोड़ा बनी हुई है।

भाजपा एजेंडा फार अलायंस पर तो आगे बढऩा चाहती लेकिन पार्टी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या अमित शाह के स्तर पर इस नए सिरे से कोई खुला आश्वासन दिलवाना नहीं चाहती। संघ नहीं चाहता कि हद से ज्यादा समझौता करके भाजपा पूरे देश में अपनी छवि को खराब करे। संघ जम्मू कश्मीर को लेकर अपने एजेंडे पर आगे बढ़ेगा। गतिरोध पर भाजपा महासचिव राम माधव अगले हफ्ते पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती से मुलाकात करेंगे।

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