गर्लफ्रेंड के साथ मॉल में शॉपिंग करने पहुंचे महामंडलेश्‍वर

0

उज्जैन/इंदौर। जूना अखाड़े के महामंडलेश्‍वर शैलेषानंद को सस्‍पेंड कर दिया गया है। ऐसा क्‍यों किया गया है इसके पीछे उन्‍हीं का हाथ है। कहने को तो वह महामंडलेश्‍वर हैं लेकिन एक शापिंग मॉल में लड़की संग शॉपिंग करते नजर आए हैं।

महामंडलेश्‍वर शैलेषानंद

लड़की संग कर रहे थे महामंडलेश्‍वर शैलेषानंद शॉपिंग

महामंडलेश्‍वर शैलेषानंद को जुलाई महीने की शुरुआत में इंदौर के एक मॉल में किसी लड़की के साथ पैंट-शर्ट पहनकर खरीदारी करते देखा गया था। तभी उनके ऊपर यह कार्रवाई की गई

सभी लोगों ने देखा महामंडलेश्‍वर शैलेषानंद को

हाल ही में स्वामीजी इंदौर के एक शॉपिंग मॉल में फॉर्मल ट्राउजर और शर्ट पहनकर गले में स्लिंग बैग लटकाकर घूमते हुए दिखे थे। महामंडलेश्वर लगभग एक घंटे तक मॉल में इसी तरह तफरीह करते रहे, उनके साथ एक लड़की भी थी, उन्होंने कई शोरूम्स से शॉपिंग की । इस बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि बारिश में उनका चोला खराब हो गया था इसलिए उन्होंने पैंट-शर्ट पहन लिया।

मनीषा कोइराला के संग भी देखे गए

उनके कुछ शिष्यों को फॉर्मल ड्रेस दिलाने के लिए वे मॉल में गए थे। एक्ट्रेस मनीषा कोइराला के साथ भी नजर आते थे। स्वामी शैलेशानंद गिरि को हाल ही में हुए सिंहस्थ में जूना अखाड़े के पीठाधीश अवधेशानंद महाराज ने महामंडलेश्वर की पदवी दी थी। उस दौरान वह हर समय एक्ट्रेस मनीषा कोइराला के साथ नजर आते थे। महामंडलेश्वर उन्हें इंदौर एयरपोर्ट पर लेने और छोड़ने भी गए थे।

साधु-संतों के बीच तीखी प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर उनके मॉल में खरीदारी करते फोटो वायरल हो जाने से साधु-संतों के बीच तीखी प्रतिक्रिया थी। – इसी क्रम में जूना अखाड़े ने उन्हें महामंडलेश्वर पद से सस्पेंड कर जांच शुरू कर दी है। शनिवार को गाजियाबाद मीटिंग में उन्हें पद से हटाने का फैसला लिए जाने की भी संभावना है।

करोड़ों श्रद्धालुओं को धोखा

जूना अखाड़े के संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरिजी महाराज ने बताया शैलेषानंद गिरि ने समाज के साथ करोड़ों श्रद्धालुओं को धोखा दिया है। उन्होंने संन्यास परंपरा का उल्लंघन किया है, जिसे माफ नहीं किया जा सकता। शैलेषानंद को निलंबित कर जांच की जा रही है। पायलट बाबा अभी यात्रा पर हैं।

अभी यात्रा पर हैं नायलट बाबा

उनके लौटते ही यह पता किया जाएगा कि शैलेषानंद जैसे व्यक्ति को कैसे महामंडलेश्वर पद के लिए चुना गया। -इस धोखाधड़ी में किन लोगों का हाथ है। मामले में ऐसी कार्रवाई की जाएगी कि दूसरे सबक ले सकें। इधर अभा अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि का कहना है कि शैलेषानंद को पद से हटा दिया है। महामंडलेश्वर की गरिमा का पालन नहीं करने पर यह कार्रवाई की गई है।

Shailesh

वास्‍तविक नाम शैलेष व्‍यास

शैलेषानंद का सांसारिक नाम शैलेष व्यास है। उनका परिवार यहां ऋषिनगर में रहता है। वे छात्र जीवन में मेधावी विद्यार्थी रहे। उन्होंने कोचिंग क्लास भी चलाई। माधव कॉलेज में पढ़ाई के दौरान विद्यार्थी यूनियन से छात्र राजनीति में आए व्यास 2003 में मीनाक्षी नटराजन के साथ युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता रहे। इसी दौरान 2004 में उनके खिलाफ धारा 307 का प्रकरण भी दर्ज हुआ था।

2004 में आए पायलट बाबा के संपर्क में

विवाहित शैलेष व्यास सिंहस्थ 2004 में महायोगी पायलट बाबा के संपर्क में आए। बाबा के शिष्य बनने के बाद नलखेड़ा में उन्होंने आश्रम बनाया। 12 साल बाद सिंहस्थ 2016 में 18 मई को पायलट बाबा के कैंप में ही महामंडलेश्वर के रूप में उनका पट्टाभिषेक हुआ।

loading...
शेयर करें