शिवरात्रि पर शिव को करना है खुश तो इस मंत्र का करें जाप

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नई दिल्ली। फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि के दिन पड़ने वाले महाशिवरात्रि की तैयारियां हो चुकी है। जी हां 24 फरवरी शुक्रवार को शहर के सभी शिवालयों और मंदिरों में श्रदालुओं की भीड़ उमड़ेगी। इस दिन भक्त व्रत, पूजा, जलाभिषेक, रूद्राभिषेक और रात्रि जागरण में भजन कीर्तन करते हैं। तो आइये बताते हैं कि शिव का क्या अर्थ होता है।

महाशिवरात्रि

शिव का क्या होता है अर्थ

ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि शिव का अर्थ कल्याण होता है। इस दिन अपना और सभी के कल्याण के लिए महादेव के नाम पर रात्रि जागरण करना चाहिए। वहीं बिना प्राण प्रतिष्ठा किए घर में शिवलिंग की स्थापना के लिए ये दिन सबसे सुंदर दिन मन जाता है।

विवाह के लिए भी है उत्तम दिन

अगर इस दिन आप सुखी दांपत्य जीवन की शुरुवात करना चाहते हैं तो मंगल प्राप्ति के लिए शिवरात्रि वरदान है। वहीं आपको ये भी बता दें कि इस बार भद्रा का योग भी नहीं है। शिवजी का नाम लेकर रात्रि जागरण से अच्छी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। शंकर और पार्वती के विवाह के दिन ‘शिवरात्रि है। किसी धार्मिक स्थल पर विवाह के लिए उत्तम दिन है।

आज के दिन क्या करें

आज के दिन सुबह भगवान शिव का ध्यान कर स्नान करें, और तब आप भोलेनाथ का नाम अच्छे दिन की कामना करें जिसके बाद पास के मंदिर या शिवालय में जाकर शिव की पूजा करें और ऊं नम: शिवाय का जाप करें, वैदिक विधि विधान से रूद्राभिषेक करें, फूल, अरवा चावल, गाय का कच्चा दूध, मधु, चंदन, बेल पत्ता, गन्ने का रस, धान का पत्ता, धतूर का फल और फूल एकत्रित कर भगवान शिव को चढ़ाएं, अंत में शुद्ध जल और गंगा जल चढ़ाकर पूजा और आरती करें।

निकलेगी शिव बारात

शिवरात्रि के दिन शहर के कई शिवालय से शिव बारात निकाली जायेगी। शिवलिंग का अलौकिक शृंगार होगा। जुगसलाई शिव मंदिर से दिन के तीन बजे गाजे-बाजे के साथ शिव बारात निकलेगी। साकची शिव मंदिर से शाम छह बजे, मानगो डिमना रोड स्थित शिव मंदिर से शाम के चार बजे, शिव मंदिर भुइंयाडीह कल्याणनगर से रात आठ बजे शिव बारात निकाली जायेगी। टेल्को श्रीराम मंदिर से शिव बारात की विशेष झांकी आकर्षण का केंद्र बनेगी।

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