धौनी ने 13 साल बाद किया ट्रेन में सफर, सेल्फी लेने वालों की लगी लाइन

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कोलकाता| हाल ही में झारखंड क्रिकेट टीम की कमान संभालने वाले महेन्द्र सिंह धौनी ने 13 साल बाद ट्रेन में सफर किया। धौनी विजय हजारे ट्रॉफी मैच खेलने के लिए रांची से अपनी टीम के साथ ट्रेन में सफर करते हुए हावड़ा स्टेशन पर उतरे। चर्चा है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स के कप्तान पद से उन्हें हटाया गया है। लेकिन मिस्टर कूल इन बातों से बेफिक्र ट्रेन की यात्रा में साथी खिलाड़ियों के साथ अपनी कहानियों को साझा करते दिखे।

महेन्द्र सिंह धौनी

महेन्द्र सिंह धौनी ने सफर के दौरान साथियों से अपने अनुभव साझा किए

पिछले कुछ सत्र में धौनी झारखंड के लिए खेले तो थे, लेकिन कप्तानी नहीं की थी। कहा जा रहा है कि इस बार राज्य संघ ने धौनी से कप्तानी की दरख्वास्त कि जिसे उन्होंने मान लिया।

टीम के मैनेजर पी.एन.सिंह ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, “हम रणजी ट्रॉफी के लिए जब भी कोलकाता आते हैं, तो फ्लाइट से आते हैं। लेकिन इस बार वह (धौनी) ट्रेन से सफर करना चाहते थे क्योंकि काफी लंबे समय से उन्होंने ट्रेन में सफर नहीं किया है।”

सिंह ने कहा, “उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी खिलाड़ी साथ में हैं, तो हमें ऐसा ही करना चाहिए। हम रांची से ट्रेन में आए।”

उन्होंने कहा कि धौनी सफर के दौरान तड़के सुबह दो बजे तक जगते रहे और अपने शुरुआती दिनों के अनुभवों को उन्होंने खिलाड़ियों से साझा किया।

उन्होंने कहा, “वह खिलाड़ियों से बात कर रहे थे कि किस तरह मैच में मुश्किल परिस्थतियों से बाहर निकला जाता है।”

धौनी कोच राजीव कुमार राजा, मोनू कुमार सिंह और पी.एन सिंह के साथ एक ही बर्थ पर बैठ चाय की चुस्कियों के साथ युवा खिलाड़ियों को खेल की बारीकियां बता रहे थे।

धौनी टिकट कलैक्टर के रूप में काम कर चुके हैं

सिंह ने कहा, “सफर के दौरान कई सेल्फी लेने वाले भी मिले। कुछ लोगों को धौनी नाम से जानते थे क्योंकि जब उन्होंने टिकट कलैक्टर के रूप में काम किया था तब यह लोग उनके साथ काम करते थे। ग्रुप-डी का एक कर्मचारी हमारे साथ था जिसे धौनी ने नाम से बुलाया और अपने पास बैठाकर बातचीत की।”

उन्होंने कहा, “हमारे लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम थे लेकिन ट्रेन में अन्य लोग भी थे जिनका धौनी ने बकायदा सम्मान किया। सफर करने वाले लोग उन्हें ट्रेन में देखकर हैरान थे।”

धौनी मुरी जंक्शन पर चाय के लिए ट्रेन से उतरना चाहते थे।

सिंह ने बताया, “मोनू ने माही के साथ मजाक किया और कहा कि जाओ चाय लेकर आओ और फिर हम सबने कहा कि इससे तो भगदड़ मचेगी।”

झारखंड की टीम विजय हजारे ट्रॉफी में ग्रुप-डी में है। उसके साथ इस ग्रुप में छत्तीसगढ़, हैदराबाद, जम्मू एवं कश्मीर, कर्नाटक, सौराष्ट्र और सर्विसेज हैं। झारखंड की टीम 25 फरवरी को कर्नाटक के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगी।

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