केंद्रीय मंत्री ने सीता की जन्मस्थली को बताया आस्था का विषय, तो गुस्सा गयें दिग्विजय सिंह

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नई दिल्ली: जिन भगवान राम के मंदिर को मुद्दा बनाकर भारतीय जनता पार्टी यूपी में चुनाव लड़ती रही है। गुरूवार को उन्ही भगवान राम के एक मुद्दे की वजह से वह विपक्षी दलों के निशाने पर आ गई। दरअसल, गुरूवार को राज्यसभा की कार्रवाई के दौरान विपक्षी पार्टियों ने केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री महेश शर्मा उस समय विपक्ष के निशाने पर आ गए जब उन्होंने सीता की जन्मस्थली को आस्था का विषय बता दिया।

महेश शर्मा

महेश शर्मा के उत्तर सुनकर बिफर पड़े दिग्विजय सिंह

मिली जानकारी के अनुसार, प्रश्नकाल के दौरान महेश शर्मा भगवान राम की पत्नी देवी सीता की जन्मस्थली से जुड़े पूरक सवालों का जवाब दे रहे थे। अपने लिखित उत्तर ने महेश शर्मा ने कहा कि सीता की जन्मस्थली आस्था का विषय है जो प्रत्यक्ष प्रमाण पर निर्भर नहीं करता। उनका यह जवाब सुनकर कांग्रेस सदस्य दिग्विजय सिंह बिफर पड़े।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह इस जवाब की निंदा करते हैं जिसमें कहा गया है कि जन्मस्थली आस्था का विषय है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि बीजेपी ने रामसेतु के संबंध में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के रुख को लेकर भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि मंत्री को इस जवाब के लिए माफी मांगनी चाहिए। केवल दिग्विजय सिंह ही नहीं सपा सदस्य जया बच्चन, जेडीयू के अनिल कुमार साहनी आदि ने भी जवाब पर आपत्ति जताई।

सदन में बढ़ते आपत्ति के चलते महेश शर्मा ने अपने इस बयान में सफाई देनी पड़ी। महेश शर्मा ने अपने बयान पर बचाव करते हुए कहा कि सीता की जन्मस्थली को लेकर कोई प्रश्नचिह्न नहीं है और सदस्यों को उनका लिखित उत्तर पूरा पढ़ना चाहिए।

अपने लिखित उत्तर में महेश शर्मा ने कहा कि सीता की जन्मस्थली आस्था का विषय है जो प्रत्यक्ष प्रमाण पर निर्भर नहीं करता। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने अब तक सीतामढ़ी जिला में कोई उत्खनन नहीं किया है। अत: उसके पास सीतामढ़ी के सीता की जन्मस्थली के रूप में होने से संबंधित कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं हैं। तथापि, वाल्मीकि रामायण में सीता के मिथिला क्षेत्र में जन्म होने का उल्लेख किया गया है।

बीजेपी सदस्य प्रभात झा ने पूरक सवाल के जरिए सीतामढ़ी क्षेत्र के विकास का ब्यौरा मांगा था और कहा कि वहां कोई विवाद भी नहीं है। महेश शर्मा ने कहा कि सरकार ने रामायण परिपथ (सर्किट) की योजना बनाई है जिसमें सीतामढी को शामिल किया गया है। शर्मा ने हालांकि कहा कि सीता की जन्मस्थली को लेकर कोई प्रश्नचिह्न नहीं है और सरकार सीतामढ़ी के विकास के लिए पूरा प्रयास करेगी।

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि श्रीलंका सरकार ने अशोक वाटिका और संजीवनी पर्वत के बारे में पता लगाया है। उन्होंने कहा कि इनके बारे में रामायण में वर्णन मिलता है।

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