माँ का इलाज बेटों पर भारी, भूल गए सारी जिम्मेदारी

कानपुर। जिस माँ ने उन्हें पैदा किया, गोद में खिलाया उसी मां के लिए दो भाई आपस में लड़ पड़े। ये वहीं मां है जो बेटों के जरा सा परेशान होने पर खुद परेशान हो जाती थी , लेकिन जब वही माँ बीमार हुई तो बेटों को उसका इलाज इस कदर भारी पड़ गया कि वह अस्पताल में ही मारपीट कर बैठे। जब रिश्तेदारों ने दोनों बेटों को समझाया तब मामला शांत हुआ।

माँ

माँ के इलाज के लिए पैसे मांगे

 

जनपद बांदा के अतर्रा की रईसुन पत्नी स्व. अब्दुल गफ्फार को एक सप्ताह पहले ब्रेन हैमरेज हो गया था। परिजन उसे हैलट इमरजेंसी लेकर पहुंचे। जहाँ उनका इलाज चल रहा है। दो दिन पहले उसकी हालत बिगड़ी तो आईसीयू में भर्ती किया गया। इस वृद्धा मरीज के तीन बेटे रशीद, शफीक व फरीद हैं। माँ का इलाज बड़ा बीटा रशीद करा रहा है।

उसने बताया कि अस्पताल में बाहर से दवा मंगाए जाने से उसके पास जो पैसे थे वो खत्म हो गए। इसी दौरान दूसरा बेटा फरीद भी माँ को देखने आया। रशीद ने पैसे खत्म होने की बात कह उससे पैसे इलाज के लिए मांगे, लेकिन फरीद ने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। थोड़ी देर बाद यह कहा सुनी मारपीट में बदल गई।

रिश्तदार बीच में पड़े तब बन्द हुई मारपीट

 

दोनों भाइयों के बीच मारपीट देख वहां मौजूद लोग और रिस्तेदार सन्न रह गए। वहीं मौजूद उनके मामा हनीफ बचाने पहुंचे तो उन्हें भी धक्का दे दिया जिससे वह गिर गए। इसके बाद अन्य मरीजों के तीमारदारों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया।

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