आज मां का जाप करते समय न करें ये गलतियां

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अगर आपको किसी भी देवी या देवता को प्रसन्न करना है तो आपके श्रृद्धानुसार जाप करने से वो जल्द ही प्रसन्न हो जाते है, लेकिन क्या आप जानते है कि जप-तप करने में जरा सी गलती आपके पुण्य कर्मो पर पानी फेर देती है। इसलिए इनकी पूजा करने के लिए विधि-विधान बहुत ही जरूरी है। विधि-विधान से किया हुआ मां का जाप जल्द ही आपको फल भी देता है।

पुराणों में इसके बारें में बहुत ही गहराई से बताया गया है। जिसका पालन कर आप अपने घर में खुशहाली, धन-समृद्धि ला सकते है। जानिए पुराणों में ऐसे कौन से बातें बताई गई है जिनको मां का जाप करते समय कभी भी भूलना नहीं चाहिए।

मां का जाप

मां का जाप करते वक्त न करें ये काम

खांसी :  किसी भी देवी-देवताओं को प्रसन्न करना  कोई मुश्किल काम नही है। इन्हें जप-तप से आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है, लेकिन आपकी एक गलती आपको मुश्किल में डाल सकती है। इसलिए जब भी आप मां का जाप करें, तो इस बात का ध्यान रखें कि इस समय आपको खांसी या छींक न आए। इससे आप अपवित्र हो जाएगे। अगर आपके साथ ऐसा होता है तो तुरंत जाकर हाथ-पैर धोकर दोबारा जाप करें तभी ये पुण्यदायी होगा।

उबासी न लें : आलस्य की एक निशानी उबासी है। जब आप नींद से जगें हो तब आपको उबासी या जंभाई आती है। इसलिए पूजा करते समय यह काम करना वार्जित है। इसीलिए हिंदू पुराणों में कहा गया है कि पूजा-अर्चना का काम सुबह जल्दी उठकर, स्नान करके कर लेना चाहिए। जिससे आपका आलस्य आपसे दूर रहे और आप शांत मन से पूजा कर सकें।

गंदगी से दूर रहे : अगर आपको पूजा करते समय कोई ऐसे काम करने पड़े तो दुबारा स्नान कर पूजा करना चाहिए। कहा जाता है कि जहां पर दरिद्रता होती है वहां पर किसी भी देवी-देवता का वास नहीं होता है। इसलिए हमेशा स्वच्छ होकर पूजा-अर्चना करनी चाहिए। इससे आपको घर में लक्ष्मी हमेशा वास करेगी साथ ही आपके घर में धन-समृद्धि बढ़ेगी।

जप के बाद दक्षिणा का न देना : देव पूजा और आराधना में पूजन करने के साथ-साथ दान देने का भी बहुत महत्व माना जाता है। पुराण के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति पूरे विधि-विधान के साथ भगवान का जप करे और उसके बाद दक्षिणा या दान न करे तो उसका जप व्यर्थ चला जाता है।

नशे से दूरी : शास्त्रों के अनुसार कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति नशा करता है तो वह राक्षस के समान होता है। देवी-देवताओं की पूजा करते समय न तो नशा करना चाहिए और न ही इसके बारें में सोचना चाहिए। यह महापाप है। जो व्यक्ति इन चीजों का सेवन करता है वह पाप का भागीदार होता है। उसके सभी पुण्य कर्म नष्ट हो जाते है और वह व्यक्ति नर्क में जाता है। जप करते समय नशे के बारे में सोचना भी महापाप माना गया है।

गुस्सा करने से बचें : किसी-किसी की आदत होती है कि हर बाद में उसको गुस्सा आता है। कभी ऐसा भी होता है कि कोई व्यक्ति पूजा करते समय भी अपने लोगों पर गुस्सा करता हैष जबकि यह सही नही है। पुराणों के अनुसार बेवजह गुस्सा करना एक अवगुण है। इसलिए जब भी पूजा करे या फिर किसी मंदिर जाए तो अपने मन को शांत रखें। तभी आपको इसका पल मिलेगा। कभी भी अपने मन में क्रोध, लालच, ईर्ष्या न लाएं। इससे आपका ही नुकसान है।

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