माइकल जैक्सन की मौत का राज आया सामने

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दोस्त का दावा उसे पता है माइकल जैक्सन की मौत का राज।

प्रोड्यूसर बेरी गोर्डी का दावा है कि माइकल जैक्सन जिंदा होता यदि वह मोटाउन लेबल के साथ गाना जारी रखता। गोर्डी बहुत मजबूती से अपनी बात रखते हुए कहते हैं कि जादूई गायक आज भी भीड़ जुटा रहा होता यदि वह दूसरे मैनेजर की तलाश या पाप चार्टस बदलने में न उलझ कर उनकी कंपनी के साथ गा रहा होता।

प्रोड्यूसर बेरी गोर्डी इसी रिकार्ड कंपनी के मालिक हैं उनका कहना है कि माइकल जैक्सन आज भी जिंदा होते अगर वह उनका साथ ना छोड़ते। बेरी ने कहा कि अगर जैक्सन उनकी कंपनी ना छोड़ते तो, ना तो उन्हें पैसे की कमी होती और ना ही सक्सेस की। प्रोड्यूसर बेरी ‘डांस की दुनिया के बादशाह’ माइकल जैक्सन के खास दोस्तों में से एक हैं।

माइकल जैक्सन

यह बात सभी जानते हैं कि 2009 में जब यह सुपरस्टार दुनिया से गया तो वह अपने बहुत से फैन्स के साथ यहां 33,49,4475,000 से भी ज्यादा रुपए का कर्ज छोड़कर गया। अपनी जिंदगी के आखिरी दिनों में जैक्सन सक्सेस से कोसो दूर हो चुके थे। वह कभी ड्रग्स लेकर कहीं घूमते मिलते थे तो कभी किसी लेडीज टॉयलेट में घुसने पर वह अखबारों की सुर्खियां बन जाते थे। 2009 में दिल की धड़कन रुकने से जैक्सन की मौत हुई थी।

कौन हैं बेरी गोर्डी
बैरी मोटाउन लेबल नाम की एक रिकॉर्ड कंपनी के मालिक हैं। यह वही कंपनी है जिसके साथ जैक्सन ने अपने करियर का शुरुआती सफर तय किया था। जैक्सन ने 1969 में बेरी का दामन थामा था। उसके बाद बेरी और जैक्सन एक दूसरे के सहारे सक्सेस के नए मुकाम पाते चले गए।

बेरी ने आगे कहा कि जैक्सन कंपनी को नहीं छोड़ना चाहते थे बल्कि, जैक्सन ने पापा ने जिद करके अपने बेटे को उनकी कंपनी छोड़ने पर मजबूर किया। बेरी का मानना है कि जैक्सन के पापा पैसों के लालच में आ गए थे। उसका कहना है कि जैक्सन के पिता की ताकत औऱ पैसे की चाह ने जैक्सन को मौत के मुह में धकेल दिया। वह कहते हैं कि अपने ब्रांड और संगीत से दूर जाना ही इस स्टार की मौत का कारण बना।

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