माइक्रोसॉफ्ट नेटवर्क हैक करने की साजिश में दो गिरफ्तार

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लंदन| दिग्गज अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट नेटवर्क को हैक करने की एक अंतर्राष्ट्रीय ‘साजिश’ से जुड़े दो लोगों को खुफिया जासूसों ने ब्रिटेन में गिरफ्तार किया गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई। ब्रिटिश समाचार-पत्र ‘द रजिस्ट्रार’ में गुरुवार को प्रकाशित रिपोर्ट में साउथ ईस्ट रिजनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम यूनिट (एसइआरओसीयू) स्थित जासूसी एजेंसी के जासूस अब माइक्रोसॉफ्ट नेटवर्क में जनवरी से मार्च के बीच हुई अनधिकृत घुसपैठ की जांच कर रहे हैं।

माइक्रोसॉफ्ट

माइक्रोसॉफ्ट ने कहा- किसी भी ग्राहक की सूचना से समझौता नहीं किया जाएगा

रिपोर्ट में एक जासूस के हवाले से कहा गया है, “यह समूह विश्वभर में फैला है। इसलिए, यह जांच हम अपने कई सहयोगियों जिनमें माइक्रोसॉफ्ट, एफबीआई, यूरोपोल और एनसीए की राष्ट्रीय साइबर अपराध शाखा शामिल हैं, के साथ मिलकर कर रहे हैं।”

हालांकि, एक 22 वर्षीय संदिग्ध को एक कंप्यूटर में अनधिकृत घुसपैठ के लिए गिरफ्तार किया गया है। एक अन्य 25 वर्षीय संदिग्ध को कंप्यूटर दुरुपयोग अधिनियम के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है। खुफिया जासूसों ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी जब्त किया है। हालांकि, इसका पता नहीं चल सका है कि किस तरह की सूचना तक इन कथित साइबर हमलबारों की पहुंच हुई है।

हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि उसके किसी भी ग्राहक की सूचना से समझौता नहीं किया जाएगा। माइक्रोसॉफ्ट ने एक बयान में कहा कि इंग्लैंड में अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम है.. मजबूत इंटरनेट सुरक्षा साइबर अपराधियों की पहचान और उन पर मुकदमा चलाने की क्षमता पर निर्भर है।

माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि इसके लिए न केवल मजबूत प्रौद्योगिकी क्षमता की जरूरत है, बल्कि इस मामले को लोगों की जानकारी में लाना और इन्हें कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंपना भी जरूरी है। माइक्रोसॉफ्ट ने स्पष्ट किया, “साइबर अपराधी हमारे किसी भी ग्राहक के आंकड़े तक नहीं पहुंच सके हैं और हमें हमारे साफ्टवेयर और सिस्टम की विश्वसनीयता पर पूरा भरोसा है। हमने इस तरह के हमलों को रोकने, पता लगाने और निपटने के लिए व्यापक उपाय किए हैं।”

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