रोजाना खाएं थोड़ी सी धूप तो कभी नहीं होगी माइग्रेन की प्रॉब्लम

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न्यूयॉर्क| अगर आपमें माइग्रेन के लक्षण दिखे, तो विटामिन की जांच करा लें, क्योंकि नए शोध के मुताबिक कुछ विटामिन की कमी से भी बच्चों, किशोरों व वयस्कों में माइग्रेन रोग हो सकता है। शोधकर्ताओं के निष्कर्ष में इस बात का खुलासा हुआ है कि माइग्रेन से पीड़ित अधिकांश किशोरों व वयस्कों में विटामिन डी, राइबोफ्लेबिन तथा कोइंजाम क्यू10 की कमी पाई गई।

माइग्रेन

माइग्रेन की शिकायत है तो फौरन कराएं विटामिन की जांच

लड़कों की तुलना में लड़कियों में कोइंजाइम क्यू10 की कमी की संभावना होती है, जबकि पुरुषों में विटामिन डी की कमी की संभावना अधिक होती है।

अमेरिका स्थित सिनसिनाती चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल मेडिकल सेंटर में मुख्य शोधकर्ता सुजेन हगलर ने कहा, “इस बात पर अभी और अध्ययन करने की जरूरत है कि माइग्रेन की अवस्था में विटामिन के सेवन से आराम पहुंचता है या नहीं।”

इससे पहले के अध्ययन में यह साबित हो चुका है कि शरीर में कुछ विटामिनों की कमी से माइग्रेन रोग हो सकता है।निष्कर्ष अमेरिका के सैन डिएगो में हाल में अमेरिकन हेडेक सोसायटी के वैज्ञानिकों की सालाना 58वीं बैठक के दौरान प्रस्तुत किया गया।

माइग्रेन के लक्षण

आम तौर पर इसका शिकार होने पर सिर के आधे हिस्से में दर्द रहता है। जबकि आधा दर्द से मुक्त होता है। जिस हिस्से में दर्द होता है, उसकी भयावह चुभन भरी पीड़ा से आदमी ऐसा त्रस्त होता है कि सिर क्या बाकी शरीर का होना भी भूल जाता है।
माइग्रेन मूल रूप से तो न्यूरोलॉजिकल समस्या है। इसमें रह-रह कर सिर में एक तरफ बहुत ही चुभन भरा दर्द होता है। ये कुछ घंटों से लेकर तीन दिन तक बना रहता है। इसमें सिरदर्द के साथ-साथ गैस्टिक, जी मिचलाने, उल्टी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
इसके अलावा फोटोफोबिया यानी रोशनी से परेशानी और फोनोफोबिया यानी शोर से मुश्किल भी आम बात है। माइग्रेन से परेशान एक तिहाई लोगों को इसकी जद में आने का एहसास पहले से ही हो जाता है। पर्याप्त नींद न लेना, भूखे पेट रहना और पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना जैसे कुछ छोटे-छोटे कारणों से भी आपको माइग्रेन की शिकायत हो सकती है।

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