माघ मेला में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी की टीम सक्रिय

pipa pulइलाहाबाद। संगम तट लगने वाले माघ मेले में करीब ढाई करोड़ लोगों के आने की संम्भावना जताते हुए जिलाधिकारी संजय कुमार ने सभी तरह की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सभी विभागों को सक्रिय रहने का आदेश दिया हैं वह खुद भी सक्रियता दिखा रहे हैं।

जिलाधिकारी प्रत्येक दिन मेला क्षेत्र की जानकारी लेने पहुंचते हैं। इसके लिए उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों सहित एक टीम बनायी हुई है। किसी प्रकार की कमी नजर आने पर तुरंत कार्रवाई का आदेश देते हैं।
पानी की कमी दूर की जायेगी
मकर संक्रांति से कुंभ नगरी में प्रारंभ हो रहे माघ मेले में भक्तों को संगम पर साफ गंगा जल में आचमन और स्नान का मौका मिल सकता है। मेले में आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की आस्था का ध्यान रखते हुए मेला और जिला प्रशासन उत्तराखंड से गंगा में अतिरिक्त जल प्रवाह कराने की कोशिश में लगा है। गंगा में प्रदूषण के चलते पिछले दिनों साधू-संतों ने भी मेले में स्नान के लिए साफ जल की मांग की थी।

इलाहाबाद शहर से गुजर रही गंगा में  दो दर्जन से ज्यादा गंदे नालों से गंदगी गिर रही है।  जिलाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि फिलहाल जो पानी गंगा में छोड़ा जा रहा है। इसके  अलावा अतिरिक्त जल प्रवाह के लिए हमने प्रयास शुरू कर दिया है।
sangam picप्रदूषण के स्तर की ली जा रही जानकारी
प्रदूषण का स्तर जानने के लिए शहर में पांच स्थानों पर गंगा जल के रोज सैंपल लिए जा रहे हैं। इससे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या गंगाजल स्नान के लिए लायक है या नहीं। इसकी जांच रिपोर्ट रोज मेला अथॉरिटी और एडीएम सिटी को सौंपी जा रही है। इसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, 20 दिसंबर से 25 दिसंबर तक नरौरा डैम से रोज एक हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा जाएगा। यह पानी इलाहाबाद पहुंचने में एक सप्ताह लग जाएगा। इसके अलावा 25 दिसंबर से रोज चार हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। इसको लेकर नदी के किनारे स्थित जिलों में बाढ़ नियंत्रण को लेकर भी जानकारी दे दी गई है। दूसरी ओर, अखाड़ा परिषद और संत समाज से जुड़े संतों ने प्रशासन से माघ मेले के दौरान गंगा में साफ जल प्रवाह  करने को कहा है।

ड्रोन से भी होगी माघ मेले की निगरानी

माघ मेले क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना और आतंकी हमले से निपटने के लिए मेले में सुरक्षा के लिए भी इस बार पुख्ता इंतजाम करने की तैयारी है। इस बारे में कई चरण में मीटिंग हो चुकी हैं। माघ मेला पुलिस व्यवस्था संभाल रहे सूत्रों के मुताबिक, इस बार मेले की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे लगाए जाएंगे। यही नहीं हजारों एकड़ में फैले इस मेला क्षेत्र की सुरक्षा के लिए इस बार महिला सुरक्षाकर्मी भी तैनात की जाएंगी।

इलाहाबाद के एसएसपी केएस इमएनुएल से मिली जानकारी के मुताबिक, मेले की सुरक्षा के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। उनकी कोशिश है कि मेले में आने वाले सभी तीर्थयात्रियों, कल्पवासियों, दर्शकों और पर्यटकों को फुल प्रूफ सुरक्षा देने के लिए पहली बार ड्रोन से निगरानी की तैयारी है।
सभी स्नान पर खास इंतजाम
माघ मेले में मकर संक्रांति से मुख्य पर्व की तैयारी शुरू होता है।  14 जनवरी को मकर संक्रांति, 23 जनवरी को पौष पूर्णिमा, 8 फरवरी को मौनी अमावस्या, 12 फरवरी को बसंत पंचमी, 22 फरवरी को माघी पूर्णिमा का स्नान होगा। इनमें से मौनी अमावस्या पर शाही स्नान में लाखों भक्त आते हैं। इन पर्वों पर सुरक्षा के लिए आधा दर्जन ड्रोन की व्यवस्था की गई है।
लोगों के बीच रहेंगी महिला सुरक्षाकर्मी
विशेष पर्वों पर पुलिसकर्मियों की मदद विशेष प्रशिक्षित महिलाकर्मी तैनात की जाएंगी। इसके लिए पंजाब, गुजरात और जम्मू-कश्मीर से भी स्पेशल ट्रेंड महिला पुलिसकर्मी आएंगी। पहली बार मेले में इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button