पीएम मोदी ने माया की बंद की बोलती, बेनामी संपत्ति पर भाई को घेरा

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नई दिल्‍ली। पीएम मोदी ने नोटबंदी लागू करने के बाद कहा था कि उनका अगला निशाना बेनामी संपत्ति पर होगा। उनका कहना सोमवार को सच हो गया। उत्‍तर प्रदेश की पूर्व सीएम और बीएसपी चीफ मायावती के भाई आनंद कुमार बेनामी संपत्ति के कटघरे में आ गए हैं। सीबीआई ने आनंद कुमार के खिलाफ जांच शुरु कर दी है।

मायावती के भाई आनंद कुमार बेनामी संपत्ति के कटघरे में

मायावती के भाई आनंद कुमार बेनामी संपत्ति के कटघरे में आए

खबर मिली है कि मायावती के भाई आनंद कुमार बेनामी संपत्ति के कटघरे में आने से परेशान हो गए हैं। इनकम टैक्‍स विभाग ने जांच शुरू कर दी है। आईटी विभाग को कई गुप्त जानकारियां मिली थीं कि आनंद कुमार के पास कई बेनामी संपत्तियां जमा किए हुए हैं।

कई बिल्‍डर्स के डाले गए छापे

इस संबंध में नोएडा के कई बिल्डर्स को नोटिस भेजा गया है। मायावती के भाई आनंद कुमार पर आरोप है कि उन्होंने प्राइवेट बिल्डरों के साथ गठजोड़ से बेनामी संपत्तियां बनाई हैं। बिल्डरों के आनंद कुमार के साथ संबंध है और उन्होंने उनकी आवास परियोजनाओं में खूब काले धन निवेश किया है। आयकर विभाग ने इन बिल्डरों से जमीनों के संबंध में जानकारी मांगी है।

नोटबंदी पर मोदी सरकार को घेर रही थीं माया

नोटबंदी के बाद मायावती लगातार मोदी सरकार को घेरने में लगी हुई हैं। ऐसे में बीजेपी उन पर पलटवार कर सकती ह। सोमवार को मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि नोटबंदी का फैसला जल्दबाजी में ले लिया और अब यह उनके लिए गले की फांस बन गया है। अपने चोर दरवाजे से बीजेपी ने पूंजीपतियों और धन्नासेठों का बहुत पैसा बहाया है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना
बेनामी संपत्ति कानून को धारादार बनाया

पीएम मोदी ने साल की आखिरी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कांग्रेस सरकार पर बेनामी संपत्ति से जुड़े कानून को कई दशकों तक ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वर्तमान सरकार ने बेनामी संपत्ति कानून को धारदार बनाया है और आने वाले दिनों में यह कानून अपना काम करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको मालूम होगा हमारे देश में बेनामी संपत्ति का एक कानून है। 1988 में बना था, लेकिन कभी भी न उसके नियम बनें, उसको अधिसूचित नहीं किया। ऐसे ही वो ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। हमने उसको निकाला है और बड़ा धारदार बेनामी संपत्ति का कानून हमने बनाया है। आने वाले दिनों में वो कानून भी अपना काम करेगा। देशहित के लिए, जनहित के लिए, जो भी करना पड़े, ये हमारी प्राथमिकता है।

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