जब गांव में नगाड़ा बजाने से खुद को रोक नहीं पाए पीएम मोदी…

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नई दिल्ली। मेघालय दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दूसरे और अंतिम दिन एशिया का सबसे स्वच्छ गांव पहुंचे। मेघायल में स्थित मावफ्लांग नाम के इस गांव में रहने वाले आदिवासियों ने अपने ही तरीके से मोदी का भव्य का भव्य स्वागत किया। उनका स्वागत कार्यक्रम देखकर मोदी इस कदर मंत्रमुग्ध गए कि वे भी उनके रंग में रंगते नजर आए।

मावफ्लांग गांव

मावफ्लांग गांव में मोदी ने बजाया नगाड़ा

दरअसल, मावफ्लांग गांव में आदिवासियों ने प्रधानमंत्री का स्वागत अपने पारंपरिक तरीके इस किया। इस दौरान उन्होंने लोकनृत्य और संगीत पेश किया। मावफ्लांग गांव में उनका यह कार्यक्रम मोदी को इस कदर रास आया कि वह अपने आप को रोक नहीं पाए और एक कलाकार से ड्रम लेकर खुद बजाने लगे। उनका यह रूप देखकर सभी आश्चर्य हो गए।

मावफ्लांग गांव में उन्होंने खासी समुदाय के इन आदिवासियों के साथ चाय की चुस्की भी ली और उसकी समस्याओं को भी सुना। बताया जा रहा है कि वे यहां स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े आदिवासियों को सम्मानित भी करेंगे।

मेघालय दौरे के अंतिम दिन प्रधानमंत्री ने एलिफेंट फॉल्स का भी दौरा किया। मोदी ने शिलांग में एक फुटबाल स्टेडियम की आधारशिला भी रखी, जिसका निर्माण शिलांग में 38 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है।

इसके पहले मोदी ने रामकृष्ण केंद्र के एक कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद के विचारों को फैलाने की कोशिश की।

बताया जा रहा है कि दिल्ली लौटने से पहले मोदी ईसाई समुदाय के बड़े केंद्रों में से एक मैरी हेल्प ऑफ क्रिश्चंस कैथेड्रल भी जायेंगे। इसके अलावा वे पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक बैठक में शामिल होंगे।

आपको बता दें कि बीते दिन मोदी ने अपने मेघायल दौरे की शुरुआत करते हुए तीन ट्रेनों को हरी झंडी दी थी। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित भी किया था लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने पूर्वोत्तर को दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार करार था। इस दौरान मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार ‘एक्ट-ईस्ट’ नीति का सक्रियता से पालन कर रही है और क्षेत्र में बुनियादी संरचना में सुधार के लिए काम कर रही है, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना है।

 

 

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