नई दिल्ली : मिड डे मील में था मरा चूहा, खाने के बाद बीमार पड़े 9 बच्चे

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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में गुरुवार को मिड डे मील का भोजन खाने से एक सरकारी स्कूल के 9 बच्चे बीमार पड़ गए। इस खाने में कथित तौर पर मरा हुआ चूहा पाया गया। खाना देवली इलाके में स्थित गवर्नमेंट ब्यॉज सीनियर सेकेंड्री स्कूल में परोसा गया था, जिसे खाने के बाद स्टूडेंट बीमार पड़ गए। बच्चों को इलाज के लिए मदन मोहन मालवीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

मिड डे मील

मिड डे मील सप्लाई करने वाले एनजीओ के खिलाफ एफआईआर

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी स्टूडेंट्स को देखने अस्पताल पहुंचे। सिसोदिया ने अपने ट्वीट में कहा, सरकारी स्कूल में मध्याह्न भोजन में एक चूहा पाया गया। नौ छात्रों को अस्पताल ले जाया गया। मैंने चिकित्सकों से बातचीत की और बच्चे ठीक हैं। उन्होंने कहा, एक एफआईआर दर्ज की जा रही है और कल से हमारे अधिकारी रसोई में खाना पकाए जाने की निगरानी करेंगे।

सिसोदिया ने कहा कि इस घटना पर सरकार ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए मिड डे मील की सप्लाई करने वाले एनजीओ के खिलाफ एफआईआर कराई जा रही है। इतना ही नहीं शिक्षा विभाग ने उसे ब्लैक लिस्ट में भी डालने का फैसला किया है।

सिसोदिया ने कहा कि बच्चों के मामले में इतनी बड़ी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दूसरी ओर इलाके के बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी और दिल्ली की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस नेता किरण वालिया भी बच्चों से मिलने पहुंचे। इन दोनों ने एनजीओ पर ही सवाल उठा दिए। बिधूड़ी ने तो एनजीओ का रिश्ता आम आदमी पार्टी के एक विधायक से जोड़ दिया।

वहीं, संपर्क किए जाने पर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी है, लेकिन उन्हें अब तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। टीचरों ने इस घटना का ठीकरा सरकार के सिर पर फोड़ा है। सरकारी स्कूल शिक्षक संघ के सचिव अजयवीर सिंह यादव ने कहा कि यह घटना सरकारी तंत्र की नाकामी को दर्शाता है। दरअसल मौजूदा सरकार इवेंट मैनेजमेंट के फॉर्म्युले पर काम करने में यकीन करती है। धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। जहां काम नहीं होना चाहिए वहां काम किया जा रहा है।

Edited by- Jitendra Nishad

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