मुंबई हमले के बड़े रहस्य से उठा पर्दा

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नई दिल्ली। मुंबई धमाके की एक बड़ी रिपोर्टे का ख़ुलासा हुआ है। हमले से कुछ दिन पहले ही दोनों देशों में गृह सचिव स्तर के बीच की बातचीत हुई थी। कुछ ही दिनों बाद पकिस्तान से कुछ आतंकियों ने भारत में आकर हमला कर दिया था। हमले के साढ़े सात साल बाद एक बड़ी बात सामने आई हैं। मुंबई हमले के वक़्त उस समय के होम सेक्रेटरी रहे मधुकर गुप्ता और अन्य सीनियर अधिकारी इस्लामाबाद में दावत उड़ा रहे थे।

मुंबई हमले

मुंबई हमले के दौरान चल रही थी पाक में दावत

26 नवंबर 2008 को इस्लामाबाद में भारत-पाकिस्तान की गृह सचिव स्‍तर की बातचीत खत्म हुई थी। इसी के बाद मुंबई में पाकिस्तानी आतंकियों ने धावा बोल दिया था। हमले के करीब साढ़े सात साल बाद अब पता चल रहा हैं कि इस दौरान भारत के गृहमंत्रालय का अधिकारी समूह पाकिस्तान में मौजूद था और पाकिस्‍तानी मेहमाननवाजी का लुत्‍फ उठा रहा था।

पकिस्तान में मेहमान नवाज़ी की बात एक अहम् रिपोर्ट से पता चली है। भारत के तत्‍कालीन गृह सचिव रहे मधुकर गुप्ता और कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारी पाकिस्‍तान में मेहमाननवाजी का लुत्फ उठा रहे थे। केवल इतना ही नहीं गुप्ता और अन्य अफसरों ने मुरी के हिल रिट्रीट में अपना प्रवास एक दिन और बढ़ा लिया था।

कौन-कौन था दावत में शामिल

पूर्व गृह सचिव गुप्ता के साथ बॉर्डर मैनेजमेंट के अपर सचिव अनवर अहसान अहमद, आंतरिक सुरक्षा की संयुक्त सचिव दीप्ती विलासा और भारतीय आंतरिक सुरक्षा प्रतिष्ठान के कुछ अन्य अधिकारी एक साथ मुरी में मौजूद थे। रिपोर्ट का ख़ुलासा होने के बाद सभी अधिकारी मौन हैं।

खबर में सामने आया हैं कि वार्ता खत्म होने के बाद अधिकारियों को वापस लौटना था। लेकिन अधिकारियों ने पकिस्तान में एक दिन और बिताया। एक दिन ज्यादा रुकने की कोई भी जरुरत नहीं थी। बताया जा रहा है कि पाक अधिकारियों ने ही भारतीय अधिकारियों को वहां एक और दिन रुकने के लिए कहा था। कारण बताया गया कि पाकिस्तान के गृहमंत्री यात्रा पर थे और उनसे मिलने के लिए भारतीय अधिकारियों के रोका गया था।

भारतीय अधिकारियों से कहा गया था कि अगले दिन यानी 27 नवंबर 2008 को गृहमंत्री से बात हो सकती है। 27 नवंबर की दोपहर को ही अधिकारियों का दल स्वदेश लौटा था। तब तक आतंकी मुंबई में अपने मंसूबों को अंजाम देते हुए लाशों के ढ़ेर बिछा चुके थे।

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