तमिलनाडु का भविष्य दिल्ली में होगा तय, केंद्र और राष्ट्रपति करेंगे फैसला

चेन्नई। तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री का फैसला अब राष्ट्रपति और केंद्र सरकार मिलकर तय करेंगे। गुरुवार को शशिकला और पनीरसेवल्म से मुलाकात के बाद राज्यपाल सी विद्यासागर ने इसकी रिपोर्ट भेज दी है। इससे पहले देर रात तक अन्नाद्रमुक में जारी सत्ता संघर्ष को लेकर गुरुवार को भी सियासी अनिश्चितता बरकरार रही।

मुख्यमंत्री का फैसला

मुख्यमंत्री का फैसला राष्ट्रपति और केंद्र के हाथ

पूरे दिन राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदलते रहे। सुबह पनीरसेवल्म खेमें को पार्टी अध्यक्ष मंडल के प्रमुख ई मधूसूदनन का साथ मिला तो शाम पांच बजे वह राज्यपाल चौधरी विद्यासागर राव से मिले। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, ‘ अच्छी बातें होंगी, धर्म की जीत होगी।’ इसके बाद शशिकला ने भी दस मंत्रियों के साथ गवर्नर से मुलाकात की। शशिकला ने 130 समर्थक विधायकों की सूची सौंपते हुए सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्य में जारी राजनीतिक संकट के बीच चेन्नई से तीन दिनों तक बाहर रहे राज्यपाल राव ने राजभवन पहुंचते ही पहले मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम से मुलाकात की।

सीएम ने बताया, ‘राज्यपाल के साथ विस्तार से चर्चा हुई। विश्वास है कि अच्छा समाचार मिलेगा। धर्म विजयी होगा।’ इससे पूर्व अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता मधुसूदनन भी बागी हो गए। उन्होंने कहा, ‘अन्नाद्रमुक को बचाने के लिए हर किसी को ओपीएस (पन्नीरसेल्वम) का साथ देना चाहिए। वह सीएम के साथ राज्यपाल से मिलने भी गए थे।’ पन्नीरसेल्वम के बाद रात साढ़े सात बजे शशिकला भी राज्यपाल से मिलीं। करीब 40 मिनट तक चली इस बैठक के दौरान दस मंत्री भी उनके साथ रहे। सूत्रों का कहना है कि मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया। करीब 130 विधायकों की सूची भी राव को सौंपी। राजभवन जाने से पहले शशिकला ने अपनी सहेली जयललिता को भी याद किया। उनकी समाधि पर जाकर फूल-माला चढ़ाया।

शशिकला को रविवार को अन्नाद्रमुक विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद पन्नीरसेल्वम ने इस्तीफा दे दिया। लेकिन बाद में वह बागी हो गए। कहा कि उनसे जबरिया इस्तीफा ले लिया गया। अगर कार्यकर्ता कहें तो वह त्यागपत्र वापस ले सकते हैं। इस घटनाक्रम के बाद ही अन्नाद्रमुक दो खेमों में बंट गई है।

स्मारक बने जयललिता का आवास

खुद का गद्दार कहे जाने को लेकर मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने शशिकला पर जबरदस्त पलटवार किया। उन्होंने कहा, ‘शशिकला कह रही हैं कि मैंने धोखा दिया। 2011 में अम्मा (जयललिता) ने जिन लोगों को अपने पोएस गार्डन स्थित आवास वेद निलयम से निकाला था, उन्हें वापस लाकर शशिकला ने अम्मा से गद्दारी की है। अम्मा के घर को स्मारक घोषित किया जाना चाहिए।’ अपने दावों के समर्थन में सीएम ने जयललिता को संबोधित शशिकला के 2012 के एक पत्र को भी सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा, ‘जनता शशिकला को तगड़ा सबक सिखाएगी।’

Edited by- Jitendra Nishad

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