नवरात्रि के पहले दिन योगी ने लिया बड़ा फैसला, इस माफिया को बनाया निशाना

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लखनऊ। प्रदेश के नए मुखिया आदित्‍यनाथ योगी ने कड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। अपने नए फैसले में सीएम योगी ने कहा है कि बसपा नेता और बाहुबली मुख्तार अंसारी लखनऊ जेल में नहीं रहेंगे। ऐसी खबरें आ रही हैं कि मुख्‍तार अंसारी को बुंदेलखंड की ललितपुर जेल में शिफ्ट किया जा सकता है। इस मामले में प्रमुख सचिव देवाशीष पांडा ने आदेश जारी किया है। मुख्तार के अलावा 10 अन्य अपराधियों को भी दूसरे जेलों में शिफ्ट किया जा सकता है।

मुख्‍तार अंसारी को बुंदेलखंड की ललितपुर जेल में शिफ्ट

मुख्‍तार अंसारी को बुंदेलखंड की ललितपुर जेल में शिफ्ट करने के फैसले से फैली सनसनी

इससे पहले यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी रिहाई के लिए मिलने वाले पैरोल पर हाईकोर्ट स्टे लगा दिया था। निचली अदालत ने बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी को चुनाव प्रचार करने के लिए 4 मार्च तक पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने यह स्टे चुनाव आयोग के अपील पर दिया था, जिसमें कहा गया कि वह चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं।

कौन हैं मुख्तार अंसारी

मुख्तार अंसारी का जन्म यूपी के गाजीपुर जिले में ही हुआ था। उनके दादा मुख्तार अहमद अंसारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। जबकि उनके पिता एक कम्यूनिस्ट नेता थे। राजनीति मुख्तार अंसारी को विरासत में मिली। किशोरवस्था से ही मुख्तार निडर और दबंग थे। उन्होंने छात्र राजनीति में कदम रखा और सियासी राह पर चल पड़े।

अपराध की दुनिया में कदम

1988 में पहली बार हत्या के एक मामले में उनका नाम आया था। हालांकि उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत पुलिस नहीं जुटा पाई थी। लेकिन इस बात को लेकर वह चर्चाओं में आ गए थे। 1990 का दशक मुख्तार अंसारी के लिए बड़ा अहम था। छात्र राजनीति के बाद जमीनी कारोबार और ठेकों की वजह से वह अपराध की दुनिया में कदम रख चुके थे।

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