मुलायम सिंह धमकी में कितना दम, जानिए 20 को

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लखनऊ। मुलायम सिंह यादव और अमिताभ ठाकुर धमकी मामले में आज सीजेएम कोर्ट में सुनवाई की गई। मुलायम सिंह पर फोन से धमकाने का आरोप है। उनके खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मुलायम सिंह केस की अंतिम रिपोर्ट पर सीजेएम लखनऊ हितेन्‍द्र हरि के कोर्ट में सुनवाई हुई। सीजेएम ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट के फैसला आने के बाद ही साफ हो सकेगा।

 

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मुलायम सिंह पर फैसला 20 को

मुलायम सिंह धमकी मामले में सीजेएम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। 20 जनवरी को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। दरअसल मुलायम सिह के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विवेचक केएन तिवारी ने इस मामले में 12 अक्टूबर 2015 को अंतिम रिपोर्ट के माध्यम से धमकी की बात गलत होने और श्री ठाकुर द्वारा सहज लोकप्रियता के लिए गलत तथ्यों के आधार पर झूठी सूचना दिए जाने पर उनके खिलाफ धारा 182आईपीसी में कार्यवाही किए जाने की रिपोर्ट भेजी थी।

मुलायम सिंह ने फोन पर स्‍वीकारी थी धमकी की बात

आमिताभ ठाकुर ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था कि विवेचना में स्वयं मुलायम सिंह ने फोन की बात स्वीकार की है, जिससे उनकी शिकायत खुद ही सही साबित होती है। अतः उन्होंने अंतिम रिपोर्ट को निरस्त करते हुए मुलायम सिंह पर आरोप विरचित की प्रार्थना की थी।

लोक सेवक पर बिना केन्‍द्र की अनुमति मुकदमा नहीं

आज सरकार की ओर से लोक अभियोजक संदीप पाण्डेय ने चार पृष्ठ का विरोध दायर करते हुए विवेचक की कही बातों का समर्थन किया। साथ ही यह भी तर्क रखा कि चूँकि मुलायम सिंह लोक सभा सदस्य हैं, अतः वे लोक सेवक हैं और उनके खिलाफ बिना केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति के मुक़दमा नहीं चलाया जा सकता है। सीजेएम ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। 20 जनवरी को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।

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