शिक्षक दिवस : कभी बच्चों को पढ़ाकर 120 रुपए की तनख्वाह पाते थे मुलायम सिंह यादव    

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सत्ता पर तीन बार काबिज हो चुके सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव कभी शिक्षक हुआ करते थे और उन्हें मात्र 120 रुपये मासिक वेतन मिलता था। इसी वेतन में वो अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। आपको बता दें कि आज पूरा देश शिक्षक दिवस माना रहा है। यह डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर मनाया जाता है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव भी बतौर शिक्षक रह चुके हैं।

मुलायम सिंह यादव

मुलायम सिंह यादव ने एक शिक्षक के रूप में की थी अपने जीवन की शुरुवात

मुलायम सिंह यादव ने अपना शैक्षणिक कैरियर करहल क्षेत्र के जैन इंटर कॉलेज से शुरू किया था। मुलायम सिंह यादव अच्छे शिक्षकों में माने जाते हैं। उनके साथ काम करने वाले शिक्षक और उनके छात्रों को उनकी सिखाई एक एक बात अभी तक याद है। वे अपने साथियों से कहा करते थे कि शिक्षक हमेशा शिष्य रहता है। उसे प्रतिदिन कुछ न कुछ नया सीखना चाहिए तभी वह बच्चों को कुछ सिखा पाएगा।

वर्ष 1955 में मुलायम सिंह यादव ने जैन इंटर कालेज में कक्षा नौ में प्रवेश लिया था। यहां से 1959 में इंटर करने के बाद 1963 में यहीं सहायक अध्यापक के तौर पर अध्यापन कार्य शुरू किया। उस समय उन्हें 120 रुपये मासिक वेतन मिलता था। शिक्षक के तौर पर 11 साल बिताने के बाद 1974 में वे यहीं पर राजनीति शास्त्र के प्रवक्ता के तौर पर प्रोन्नत हुए।

लेकिन उनकी चाहत तो कुछ और थी। राजनीति जगत में उनकी रूचि तो बचपन से थी। इसलिए उन्होंने सही वक़्त देखते हुए 1984 में यहां से त्याग पत्र दे दिया। फिर शुरू हुआ राजनैतिक करियर, इस दौरान 1967 में वे जसवंतनगर से विधायक भी बने। भले उनका नाता पढाई से अलग हो चुका हो लेकिन उनके छात्र आज भी उन्हें याद करते हैं। छात्रों का कहना है कि उनके पढ़ाने का तरीके काफी अनोखा था। जिसकी वजह से वो सभी छात्रों के चहेते टीचर हुआ करते थे।

 

 

 

 

 

 

 

 

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