मेनका गांधी ने कहा, जन्म से पहले ही पता कर लेना चाहिए गर्भ में लड़का है या लड़की

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नई दिल्ली जहां एक तरफ सरकार भ्रूण हत्या रोकने के लिए जागरुकता अभियान चलाती है। गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच क्राइम माना जाता है। वहीं केंद्रीय महिला और बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी ने एक अनोखा आइडिया दिया है। उनका कहना है कि बच्चे के जन्म से पहले ही उसका लिंग पता किया जाए ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे की सही ढंग से निगरानी हो सके। मेनका गांधी ने कहा कि मेरे विचार से महिलाओं को यह निश्चित रूप से बताया जाना चाहिए कि उसके गर्भ में लड़का है या लड़की। इससे इस बात का भी पता चल पाएगा कि उन्होंने बच्चे को जन्म दिया है या नहीं।

मेनका गांधी

मेनका गांधी ने दिया सुझाव

मेनका गांधी ने कहा कि मैंने अखबारों में पढ़ा कि ब्लड टेस्ट से लिंग का पता चल जाएगा, तब तक तो हम लोगों को अपराधी बना देंगे। इससे बढ़िया है कि हम नीति बदल देते हैं और प्रत्येक गर्भवती महिला केलिए इसे आवश्यक कर देते हैं। इससे आप पता लगा सकेंगे कि लड़की होने पर उसका जन्म हुआ या नहीं। इससे सारी परेशानी को सुलझाने में आप सक्षम होंगे। इससे आप बच्चियों को और पोषण देने में सफल रहेंगे। राजस्थान जैसे राज्य लड़कियों के लिए पैसे देने के बजाय और बेहतर कार्यक्रम चलाएंगे। मेनका बोलीं, मैंने अभी सुझाव दिया है। इस पर चर्चा चल रही है। जल्द फैसला हो जाएगा।

अल्पसंख्यक कल्याण बजट में दोगुना इजाफा

मेनका गांधी के बाद केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने इस सम्मेलन में अपने मंत्रालय के कामों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोग इंटोलरेंस का मुद्दा उठा रहे हैं लेकिन मौजूदा सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण के लिए बजट को 1500 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 3000 करोड़ रुपए कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अब वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को चिन्हित कर रही है और इस पर हो रहे कब्जे हटवाने के लिए प्रयास शुरू किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वक्फ बोर्ड के पास जो मौजूदा संपत्ति है उसके सही इस्तेमाल से ही सालाना करीब 12 हजार करोड़ रुपए की आमदनी हो सकती है।

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