50 फीसदी तक महंगा हो सकता है मोटर इंश्योरेंस का प्रीमियम

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नई दिल्ली। अगर आपके पास कार, बाइक या कोई भी वाहन है तो उसके इंश्‍योरेंस के लिए ज्‍यादा प्रीमियम भरने की तैयारी कर लीजिए। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस प्रीमियम में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी का प्रस्‍ताव किया है। मोटर इंश्‍योरेंस का प्रीमियम बढ़ने से लोगों पर बोझ पड़ेगा।

मोटर इंश्‍योरेंस का प्रीमियम

मोटर इंश्‍योरेंस का प्रीमियम जमा करने पर हल्‍की करनी होगी जेब

सरकार सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल या मौत होने की हालत में इंश्योरेंस कंपनियों के थर्ड पार्टी के उत्तरदायित्व पर लागू सीमा खत्म करने पर राजी हो गई है। बीमा नियामक के प्रस्‍ताव के मुताबिक ज्‍यादातर श्रेणियों के मोटर वाहन के इंश्‍योरेंस प्रीमियम 50 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। बढ़े प्रीमियम वित्‍त वर्ष 2017-18 से लागू होंगे।

क्‍या है थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस

वाहन से किसी तीसरे पक्ष को पहुंचने वाली नुकसान की भरपाई थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस करता है। बिना थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस के कोई भी व्‍यक्ति सड़क पर मोटर वाहन नहीं चला सकता। एक कंप्रिहेंसिव मोटर पॉलिसी में ओन डैमेज के साथ-साथ थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस भी शामिल होता है।

नहीं बढ़ेगा 100cc तक की इंजन वाली कारों का प्रीमियम

बीमा नियामक ने मारुति ऑल्टो, टाटा नैनो और डैटसन गो के साथ-साथ पिक-अप वैन्स एवं मिनी ट्रक्स जैसी कुछ श्रेणियों के वाहनों के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं रखा है। लेकिन, इसने 1,000-1,500cc इंजन वाली कारों का प्रीमियम करीब 50 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। सूत्रों ने बताया कि 25 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि तो हो जाएगी।

फिर से उठ सकती है मांग

ऐसा माना जा रहा है कि इंश्योरेंस कंपनियां तब फिर से बढ़ोतरी की मांग उठा सकते हैं जब मोटर वाहन (संशोधन) बिल पास होगा। इस बिल में मोटर व्‍हीकल क्लेम्स ट्रिब्यूनल की ओर से इंश्योरेंस कंपनियों को पूरी मुआवजा राशि का भुगतान के आदेश वाला प्रावधान प्रस्तावित है।

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